वन विभाग के पिजरे में कैद हुआ तेंदुआ। स्रोत: ग्रामीण
धौरहरा (खीरी)। क्षेत्र की वन रेंज के सुजईकुंड़ा-दहौरा नाला क्षेत्र के आसपास बीते कई महीनों से दहशत का कारण बने तेंदुए को आखिरकार पिंजरे में कैद कर लिया गया। वन विभाग 26 जनवरी से ऑपरेशन तेंदुआ चला रहा था।
सुजईकुंड़ा-दहौरा नाला के पास बाघ और तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत थी। 31 दिसंबर को घास काटने गए मंगरौली गांव निवासी बुजुर्ग सिराजुद्दीन पर बाघ ने हमला कर उनकी जान ले ली थी। इसके बाद वन विभाग ने सतर्कता अभियान शुरू किया और क्षेत्र में नाइट विजन कैमरे लगाए। इन कैमरों में एक बाघ और तेंदुआ चहलकदमी करते हुए दिखाई दिए।
26 जनवरी को वन विभाग ने पिंजरे लगाकर निगरानी शुरू की। सोमवार अलसुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब 7 वर्ष है। अनुमति मिलने पर उसे दुधवा जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
इधर, बाघ की मौजूदगी अब भी भय का कारण है। टीम ने बाघ के लिए भी नाइट विजन कैमरे और पिंजरे लगाए हैं। वन विभाग के कैमरों में बाघ की तस्वीरें भी कैद हुई हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।