फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: पेयजल संकट से जूझी एक लाख की आबादी

विज्ञापन
जेनरेटर से पानी भरने पहुंचे युवक  संवाद
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हुई तो लखीमपुर और खीरी की करीब एक लाख की आबादी पानी तक को तरस गई। घरों में लगे सबमर्सिबल पंप नहीं चले। नगर पालिका की जलापूर्ति भी ठप हो गई। शहर के अधिकांश वार्डों में शाम तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। तीन पंप जेनरेटर से चलाए गए। खीरी में लोगों को पानी भरने के लिए 100 से 200 रुपये खर्च करने पड़े।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार की रात आए तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर से लेकर कस्बों और गांवों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। बिजली न आने से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। नगरपालिका की जलापूर्ति शुक्रवार दोपहर तक पूरी तरह ठप रही। दोपहर में कंपनी बाग, विलोबी हॉल और कृष्णा टॉकीज के पास वाले पंप को जेनरेटर से चलाकर इनसे संबंधित मोहल्लों में पानी आपूर्ति की गई। बिजली लाइन दुरुस्त होने पर शिव कॉलोनी, ईदगाह, रामजानकी, आवास विकास, नौरंगाबाद और डीसी मार्ग के पंप को चालू कराया गया। आपूर्ति बहाल होने पर इन मोहल्लों के लोगों को राहत मिली।
-
शाम तक बहाल नहीं हो सकी जलापूर्ति
मोहल्ला निर्मलनगर, हाथीपुर, बेगमबाग, राजगढ़ का कुछ हिस्सा और कई अन्य मोहल्लों की जलापूर्ति शाम पांच बजे तक बहाल नहीं हो सकी। जलकल अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि जिन मोहल्लों की बिजली लाइन सही नहीं हुई है। वहां के जेनरेटर से पंप चलाया जा रहा है। नगरपालिका के टैंकर से भी पानी मोहल्लों में भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

-
कार्यालयों और दुकानों पर नहीं पहुंचा पानी
बिजली न होने से कार्यालयों और दुकानों पर 20 लीटर के वाटर टैंक की सप्लाई करने वालों का काम भी ठप रहा। पानी नहीं पहुंचा तो कार्यालयों के कर्मचारी और व्यापारी सभी परेशान रहे। सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलर भी बंद रहे। महिला अस्पताल परिसर में लगे वाटर कूलर के पास लोगों की भीड़ दिखी। यहां जनरेटर जलाकर पानी आपूर्ति तो हुई, लेकिन तीमारदारों को ठंडा पानी पीने को नहीं मिला। बस अड्डे पर भी जेनरेटर चलाकर पानी और अन्य व्यवस्थाएं सुचारू की गईं।
-
100 रुपये दो, जेनरेटर से टंकी भरवा लो
खीरी टाउन। पानी के लिए परेशानी हुई तो कई लोग जेनरेटर लेकर मोहल्लों में पहुंच गए। घर की टंकी भरने के नाम पर 100 रुपये लिए और पानी का इंतजाम किया। पानी मिला तो लोगों ने राहत की सांस ली। बड़े जनरेटर से पानी भरने वालों ने 200 रुपये तक लिए। जेनरेटर लेकर घूमने वाले लोग सभी मोहल्लों में पहुंचे। बिजली न आने से कस्बे की 50 से ज्यादा आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। नगर पालिका की ओर से चार टैंकरों में पानी भरकर बुखारी मोहल्ला, अवधी टोला, जोशी टोला, बाजार आदि मोहल्लों में पहुंचाया गया। जुमे के दिन बाधित जलापूर्ति ने लोगों को खासा परेशान किया। संवाद

जेनरेटर से पानी भरने पहुंचे युवक  संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें