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डेढ़ सौ स्कूलों में शौचालय बदहाल

Sun, 14 Jun 2015 11:53 PM IST
लखीमपुर खीरी
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जिले में निर्मल भारत अभियान को लेकर यूं ही नहीं सवाल उठते रहे हैं, बल्कि इसके कई कारण भी हैं। एक सर्वे के मुताबिक जिले में करीब डेढ़ सौ ऐसे स्कूल हैं, जिनके शौचालय बदहाल हैं। उनका रखरखाव ठीक नहीं है और वे टूटे हैं। इस कारण वह इस्तेमाल योग्य नहीं रह गए हैं। इस आंकड़े के सामने आने के बाद पंचायतीराज विभाग ने हालात सुधारने की कोशिश शुरू की है। इसी सिलसिले में सोमवार को संबंधित स्कूलों की पंचायत के करीब 70 से अधिक ग्राम पंचायत अधिकारियों को विकास भवन में समीक्षा बैठक के लिए बुलाया गया है।
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वैसे तो जिले के हर एक सरकारी स्कूल में शौचालय की व्यवस्था की गई है। लेकिन इनकी स्थिति ऐसी है कि छात्र-छात्राएं शौचालयों का इस्तेमाल करीब न के बराबर करते हैं। जिले में अब तक चलाए गए निर्मल भारत अभियान में इन स्कूलों की दशा में सुधारने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन मौजूदा समय में सरकारी स्कूलों के डेढ़ सौ से अधिक शौचालय बदहाल हैं। मई महीने में पंचायतीराज विभाग ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को शौचालयों की दशा सुधारने का निर्देश जारी किया गया था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों के शौचालयों की मरम्मत को लेकर अब तक हुई प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को ग्राम पंचायत अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में डीपीआरओ योगेंद्र कटियार शौचालयों के क्रियाशील होने की समीक्षा करने के बाद उन्हें निर्देश जारी करेंगे।
जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने बताया कि जिले में करीब डेढ़ सौ शौचालय मरम्मत योग्य हैं। ग्राम पंचायत अधिकारियों से इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था। समीक्षा बैठक में इस बाबत जानकारी ली जाएगी। पूर्व से ही ऐसे शौचालयों की मरम्मत कराकर उन्हें इस्तेमाल योग्य बनाने का काम किया जा रहा है, लेकिन 13वें वित्त आयोग में बजट का प्रावधान होने पर तेजी से प्रयास किया जा रहा है।
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13वें वित्त आयोग से मिलेगा पैसा
स्कूलों के शौचालयों की दशा सुधारने के लिए 13वें वित्त आयोग में पैसे का प्रावधान किया गया है।  पंचायतीराज विभाग को जून के पहले सप्ताह में आयोग से बजट आवंटित किया गया है। गौरतलब है कि स्कूलों में नए शौचालयों का निर्माण शिक्षा विभाग को कराना है, जबकि शौचालयों की मरम्मत आदि का कार्य निर्मल भारत अभियान के अंतर्गत किया जाएगा।
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