नवंबर का पहला पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन अब तक नौ चीनी मिलों में से किसी ने पेराई सत्र की शुरुआत नहीं की है। वहीं गेहूं बुवाई का सीजन प्रारंभ हो चुका है। ऐसे में पेड़ी गन्ना का निष्पादन न हो पाने से किसानों के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है, क्योंकि गेहूं बुवाई के पिछड़ने से उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने की आशंका रहती है। वहीं बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे तमाम किसानों को मजबूरन 135 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना बिक्री करना पड़ रहा है। इससे किसानों को भारी नुकसान भी हो रहा है।
नवंबर माह में अब गेहूं बुवाई का माकूल समय प्रारंभ हो गया है, लेकिन चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू न होने से किसानों का पेड़ी गन्ना खेतों में ही खड़ा है। ऐसे में गेहूं की बुवाई पिछड़ने की संभावना बन उत्पन्न हो गई है। वहीं गन्ना आयुक्त कार्यालय से अभी चीनी मिलों का गन्ना रिजर्वेशन चार्ट जारी नहीं हो सका हैै। हालांकि गन्ना विभाग के मुताबिक चीनी मिलों ने पेराई सत्र प्रारंभ करने की संभावित तिथियों का ऐलान कर दिया है और तैयारी भी शुरू हो गई हैं। बजाज ग्रुप की खंभारखेड़ा मिल 18 नवंबर, गोला मिल ने 20 नवंबर और पलिया ने 25 नवंबर 2015 तक पेराई सत्र प्रारंभ कर देंगी। जबकि ऐरा मिल में 26 नवंबर, अजबापुर मिल में 22 नवंबर, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल में 22 नवंबर, बलरामपुर ग्रुप की कुंभी और गुलरिया मिल में 25 नवंबर से पेराई सत्र प्रारंभ होना है। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि चीनी मिलों से लगतार संपर्क में हूं। सभी मिलों में 20 से 25 नवंबर के दौरान पेराई सत्र का प्रारंभ करा दिया जाएगा।
संपूर्णानगर मिल के पेराई सत्र का करेंगी शुभारंभ डीएम
लखीमपुर खीरी। किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड संपूर्णानगर के प्रधान प्रबंधक एवं सचिव ओपी राय ने बताया कि जिलाधिकारी एवं मिल समिति की अध्यक्ष किंजल सिंह द्वारा 19 नवंबर 2015 को पेराई सत्र 2015-16 का शुभारंभ किया जाएगा।