पुनरीक्षित मतदाता सूची पर ग्राम पंचायतों से आईं आपत्तियों के निस्तारण का मंगलवार को आखिरी दिन था, लेकिन देरशाम तक तहसीलों पर आपत्तियों की जांच जारी रही। इसके कारण निर्वाचन कार्यालय को किसी भी तहसील से दुरुस्त की गई मतदाता सूची नहीं मिल पाई। उम्मीद जताई जा रही है कि तहसीलों से निस्तारित की गई सूची कलेक्ट की जा सकेगी।
अधिकारियों के मुताबिक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिले की आठ तहसीलों में करीब पंद्रह हजार आपत्तियां आई हैं। जिनका प्रशासन युद्ध स्तर पर निस्तारित करा रहा है। सदर तहसील में सोमवार को लखीमपुर ब्लाक की आपत्तियों के निस्तारण की कार्रवाई पूरी कर ली गई थी। मंगलवार को नकहा और फूलबेंहड़ ब्लाक की आपत्तियों के निस्तारण की कार्रवाई देर शाम तक चलती रही। इसी तरह जिले की अन्य तहसीलों पर निस्तारण की कार्रवाई चलती रही। एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि सभी एसडीएम को जल्द से जल्द आपत्तियों को निस्तारित कर सूची देने का निर्देश दिया गया है। बुधवार तक कार्रवाई पूरी होने की उम्मीद है।
बीएलओ के कमरे में रौब गांठ रहे थे दबंग
लखीमपुर खीरी। मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आईं आपत्तियों के निस्तारण के आखिरी दिन पसगवां ब्लाक पर अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां कुछ दबंग तमंचा लेकर बीएलओ के कमरे में रौब गांठते नजर आए। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम मोहम्मदी नागेंद्र सिंह ने ब्लाक में बीएलओ के कमरे में छापामारी की। एसडीएम को देखते ही दबंग वहां से भाग निकले, लेकिन एक युवक का तमंचा वहीं छूट गया, जिसे एसडीएम ने पुलिस को सौंप दिया। ब्लाक में अराजकता देख एसडीएम ने नाराजगी जताई और बीडीओ को भी फटकारा। एसडीएम के मुताबिक मंगलवार को वह सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए निकले थे। पसगवां ब्लाक में उन्होंने रुककर देखा तो नयागांव जाट ग्राम पंचायत के बीएलओ के कमरे में कई असलहाधारी मौजूद थे। वहीं ग्राम पंचायत का दूसरा पक्ष असलहाधारियों की दबंगई के खिलाफ शोर मचा रहा था। एसडीएम के छापे के समय भाग रहे अराजकतत्वों के पास से एक तमंचा कमरे में ही गिर गया। जिसे एसडीएम ने पुलिस को सौंप दिया। हालांकि बीएलओ से शिकायत न मिलने के कारण किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।