बांकेगंज। झमाझम बारिश से दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के जंगलों में पानी भरने के साथ कटरुआ की बहार खत्म होने को है और अब धरती के फूल निकलने लगे हैं।
बाजार में एक हजार रुपये किलो से अधिक कीमत मिलने के कारण इन्हें बीनने के लिए आबादी से सटे जंगलों में ग्रामीणों की घुसपैठ बढ़ रही है। इससे वन अफसरों की चिंता के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ गया है। बीते 15 दिन में ढाई क्विंटल कटरूआ और 70 किलो धरती के फूल बरामद कर आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बरसात का पहला दौर खत्म होते ही डीटीआर, बफरजोन और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी, भीरा, गोला आदि जंगलों में साल के पेड़ों के नीचे पहले कटरुआ और कुछ दिन बाद धरती के फूल निकलते हैं। इन्हें हिरन, पाढ़ा, चीतल, लंगूरी बंदर आदि शाकाहारी वन्यजीवों के अलावा भालू भी चाव से खाते हैं, जिससे उन्हें भरपूर प्रोटीन मिलता है। ऊंची कीमत के कारण आसपास के लोग जान जोखिम में डालकर इन्हें बीनने जंगल में घुसते हैं।
बृहस्पतिवार रात उत्तर निघासन वन क्षेत्र के रेंजर भूपेंद्र चौधरी ने वनकर्मियों के साथ सिंगाही-खैरीगढ़ मार्ग पर घेराबंदी कर पिकअप से तीन बोरियों में करीब 70 किलो धरती के फूल बरामद किए। इनकी कीमत 70 हजार रुपये से अधिक है।
मामले में बेलरायां निवासी आबिद, साबिद समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 26 के तहत बेलरायां रेंज में केस दर्ज किया गया। इससे पहले पुलिस ने महेवागंज क्षेत्र में नौ बोरों में ढाई क्विंटल कटरुआ के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वन विभाग को सौंपा था। करीब ढाई लाख रुपये से अधिक कीमत के कटरुआ के मामले में वन विभाग ने महेवागंज निवासी मोहम्मद शाबान और अब्दुल समी समेत दो लोगों के खिलाफ अवैध घुसपैठ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
इस तरह 15 दिन में बफरजोन के जंगल में घुसपैठ कर चोरी से ले जाए जा रहे कटरुआ और धरती के फूल के दो मामलों में आठ लोगों पर कार्रवाई हुई है।