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अब किसान भी पेड़ों से पा सकेंगे कार्बन क्रेडिट का लाभ

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लखीमपुर खीरी। कृषि-वानिकी के तहत पौधरोपण करने वाले किसानों को भी अब कार्बन क्रेडिट का फायदा मिलेगा। इससे किसान प्रत्येक पेड़ पर कार्बन क्रेडिट के रूप में प्रतिवर्ष 200 से 250 रुपये तक प्राप्त कर सकेंगे। कार्बन क्रेडिट बिक्री में वन विभाग किसानों की मदद करेगा।
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किसानों को यूकेलिप्टस, पॉपुलर, मेलिया, दूबिया और शीशम जैसे पेड़ों की प्रजातियों के लिए पौधरोपण के प्रचलित मॉडल के आधार पर कार्बन क्रेडिट का लाभ मिलेगा। प्रभागीय वनाधिकारी उत्तर खीरी वन प्रभाग एवं उपनिदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक सुंदरेश ने बताया कि खीरी जिले में किसान अपनी निजी भूमि पर कृषि वानिकी के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर रहे हैं।
सरकारी स्तर पर भी पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में किसानों और अन्य सरकारी विभागों के सहयोग से प्रदेश में 75 करोड़ से ज्यादा पौधे रोपित किए गए हैं। भारत ने 2070 तक कार्बन न्यूट्रल बनाने की घोषणा की है। इंडिया सीईओ ‘फोरम ऑन क्लाइमेट चेंज’ ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और निजी क्षेत्र के बीच एक दीर्घकालिक और स्थायी साझेदारी स्थापित की है। इस तरह किसानों द्वारा किए कृषि वानिकी में किए गए पौधरोपण से कार्बन क्रेडिट खरीदने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है।
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छह अमरीकी डॉलर प्रति पेड़ की दर से मिलेगा कार्बन क्रेडिट - पौधरोपण से से प्राप्त कार्बन के लिए किसानों को अतिरिक्त धनराशि मिल सकती है। ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टीईआरआई) उत्तर प्रदेश वन विभाग संयुक्त रूप से कार्बन वित्त प्राप्त करने के लिए दस्तावेज तैयार करेगा और वीएनवी सलाहकार बंगलूरू छह अमरीकी डॉलर की दर से कार्बन क्रेडिट खरीदेगा।
इस तरह किसानों द्वारा लगाए गए प्रत्येक पेड़ के लिए अलग कार्बन क्रेडिट के रूप में 200 से 250 रुपये प्राप्त होंगे। यह लाभ यूकेलिप्टस, पॉपुलर, मेलिया, दूबिया, और शीशम जैसे पेड़ों की प्रजातियों के लिए पौधरोपण के प्रचलित मॉडल पर मिलेगा।
कार्बन क्रेडिट के लिए किसानों को देना होगा यह विवरण - कार्बन क्रेडिट का यह लाभ उन किसानों को मिल सकेगा, जिन्होंने कम से कम 25 या उससे अधिक पेड़ वर्ष 2018, 2019, 2020 और 2021 में लगाए हों। डीएफओ नार्थ सुंदरेश ने बताया कि इच्छुक किसान सीधे उनसे या रेंज अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
इसके लिए किसानों को नाम, पता, बैंक एकाउंट का विवरण आईएफएससी कोड सहित, आधार नंबर, कृषि वानिकी का क्षेत्रफल, भूमि की खसरा खतौनी, मोबाइल नंबर समेत किसान का पूरा विवरण वन विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
क्या है कार्बन क्रेडिट - कार्बन क्रेडिट किसी देश द्वारा अपने पर्यावरण परिवेश में हानिकारक गैसों की उत्सर्जन क्षमता को कम करने पर उसे विश्व सम्मेलन द्वारा दिया जाता है। कार्बन क्रेडिट को एक प्रकार से वन द्वारा संजोए कार्बन की बिक्री से प्राप्त कीमत कहा जा सकता है।
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