नगरीय आजीविका केंद्र के लिए लखीमपुर पालिका चयनित
खाना बनाने, पुताई आदि का काम जानने वालों का होगा पंजीकरण
काम कराने के लिए देना होगा दो प्रतिशत का शुल्क
केंद्र खोले जाने के लिए मिला तीन लाख का बजट
शासन ने नगरीय आजीविका केंद्र के लिए लखीमपुर नगर पालिका का चयन किया है। इसके लिए शासन ने 10 लाख का बजट मंजूर किया है और पहली किस्त के रूप में तीन लाख रुपये पास भी कर दिए हैं। नगरीय आजीविका केंद्र खुलने से न तो हुनरमंदों को काम की तलाश में इधर उधर भटकना पड़ेगा और न ही कामगारों की तलाश के लिए नगरवासियों को ही उन्हें ढूंढना पड़ेगा। बस काम कराने के बदले नगरवासियों को सिर्फ कार्य की लागत का दो प्रतिशत शुल्क डूडा कार्यालय पर जमा करना होगा।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत हुनरमंदों को काम दिलाने के लिए लखीमपुर नगर में नगरीय आजीविका मिशन केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए शासन ने 10 लाख का बजट स्वीकृत करते हुए तीन लाख रुपये की धनराशि जिले को भेज भी दी है। डूडा के परियोजना अधिकारी ने इस केंद्र के खोले जाने के लिए जगह ढूंढनी शुरू कर दी है। इसके खुल जाने से कामगारों को काम की तलाश में इधर उधर भटकना नही पड़ेगा। कामगारों को सिर्फ इस केंद्र पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार कामगारों को काम के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए डूडा की ओर से सभी पंजीकृत कामगारों को परिचय पत्र भी दिए जाएगें। इस संबंध में डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया इस केंद्र पर हर प्रकार का काम जानने वालों का पंजीकरण किया जाएगा। यहां तक कि पुताई, खाना बनाने, झाडू पोंछा करने सहित शिक्षित और समझदार अशिक्षित लोगों को भी पंजीकृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बजट भी मिल गया है। जगह की तलाश की जा रही जिससे ऑफिस खोला जा सके। यदि जगह नही मिल पाती है, तो डूडा कार्यालय की ऊपरी मंजिल पर ही ऑफिस खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि पंजीकरण कराने के लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिससे लोग घर बैठे ही अपना पंजीकरण करवा सकें।
हुनरमंद सहित बेराजगार युवक भी करवा सकेंगे पंजीकरण
डूडा कार्यालय के पीओ राजेश कुमार पांडे ने बताया कि झाडू पोंछा, खाना बनाने सहित नल, मोटर तथा पुताई, पेंट, बिजली का काम जानने वालों के साथ अन्य सभी प्रकार के मैकेनिक अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। यहां पर बेरोजगार युवक भी अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
काम कराने वालों को देना होगा दो प्रतिशत का शुल्क
शहर के लोगों को खाना बनाने वाली से लेकर बिजली, फोन का बिल यहां तक कि राजमिस्त्री, कारपेंटर का काम जानने वाले लोग यहां मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि कोई भी नगर वासी अपना 500 रुपये का बिजली का बिल हमारे माध्यम से जमा करवाएगा तो इसके लिए उसे दो प्रतिशत यानि 10 रुपये का शुल्क डूडा कार्यालय पर देना होगा।