कहा, किसानों मजदूरों का कर्जा माफ करो, गरीब के खाते में एक लाख जमा करो
नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने, बैंक के सामने कतार में लगे 150 से ज्यादा लोगों की मौत, कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को भाकपा माले ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिवाद मार्च निकाला। बाद में विलोबी गेट पर नारेबाजी करते हुए मोदी सरकार का विरोध जताया।
विरोध सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी की सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि लोग लाइन में लगकर अपना पैसा लेने को मजबूर हैं और अपनी जान दे रहे हैं तो मोदी सरकार कारपोरेट घरानों का कर्ज माफ कर बैंक में जनता से आ गए लाखों करोड़ रुपयों को फिर से सस्ते कर्ज के रूप में अंबानी, अडानी को देने को तैयार है। किसान कर्ज के चलते आत्महत्या कर रहे हैं। मोदी सरकार शिवाजी और सरदार पटेल के नाम पर 6500 करोड़ रुपये स्मारकों और मूर्तियों पर खर्च कर रही है।
किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष क्रांति कुमार सिंह ने कहा कि कालाधन समाप्त करने की बात करने वाली कुछ राष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए कैशलेस एकोनामी की बात करने लगे जबकि देश में 65 प्रतिशत लोग इस डिजिटल लेनदेन को सपने में भी नहीं देखते हैं। उन्होंने कहा कि 50 दिन में आम जनता परेशान और बदहाल हो गई है। तब भी नोटबंदी को मोदी सरकार सफल बता रही है।
विरोध सभा को माले राज्य कमेटी सदस्य रामदरस, श्रीनाथ, राजश्री, अनिता, विनोद भारती, सुनील, बिकाऊ, अनिल कुमार आदि ने संबोधित किया। संचालन जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र कुमार ने किया।