ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय तो बनवा दिए गए, लेकिन उसमें पानी का इंतजाम नहीं किया गया। इससे शौचालय निष्प्रयोज्य पड़े हुए हैं। पानी का एकमात्र जरिया दूर लगे हैंडपंप हैं। इसके चलते स्कूलों में शौचालय बने होने के बावजूद स्वच्छ भारत अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
बांकेगंज ब्लाक में कुल 223 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इसमें तकरीबन सभी में शौचालय बन चुके है। लेकिन इसमें महज तीन-चार शौचालयों में पानी की व्यवस्था तो है, लेकिन उनके ऊपर रखी पानी की टंकियों का हाल बेहाल है। बाकी बचे विद्यालयों में पानी का इंतजाम नहीं है। हाथ धोने के लिए उन्हें हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है। तमाम विद्यार्थी इस समस्या से बचने के लिए खेतों या मैदानों में जाना ज्यादा पसंद करते हैं। और तो और न्याय पंचायत मैलानी स्थित नारंग प्राथमिक विद्यालय के शौचालय में पानी की व्यवस्था तो दूर अदद हैंडपंप तक नहीं है। इसके अलावा एक दर्जन के करीब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में लगे इंडियामार्का हैंडपंप मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं।
गंदे पड़े हैं स्कूल शौचालय
ब्लाक क्षेत्र के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अच्छे शौचालय बने हुए है। बावजूद इसके साफ-सफाई के अभाव में यह बेहद गंदे पड़े हुए है। शौचालयों में जमा गंदगी से निकलने वाली दुर्गंध परिसर स्थित कक्षाओं तक में पहुंच रही है। जिससे बच्चों के बीमार होने का डर बना हुआ है। अभिभावकों ने इस बात की शिकायत कई बार शिक्षकों सहित ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों से की। इसके बाद भी विभाग के रहनुमा इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। इसको लेकर अभिभावकों में रोष व्याप्त है।