शाखा प्रबंधकों की मिन्नतें करते बैंक में घूम रहे लोग
नोटबंदी का सबसे बड़ा असर शादी-विवाह आदि मांगलिक कार्य पर पड़ा है। अचानक नोट बंद होने से शादी की तैयारियां और खरीदारी ठप हो गयी है। 16 तारीख से शादी-विवाह का सीजन शुरू हुआ है। जिनके पास बड़े नोट रखे थे, उन्होंने जमा तो कर दिए, लेकिन बैंकों में कैश के अभाव से उनका खातों में जमा पैसा निकल नहीं पा रहा है। सरकार ने शादी-विवाह के लिए लोगों के पास पैसे न होने की दिक्कतों को देखते हुए शादी के कार्ड पर ढाई लाख रुपये तक की धनराशि निकालने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन बैंकों में कैश कम होने से जरूरतमंद लोगों को पैसे नहीं मिल पा रहे हैं।
बांकेगंज क्षेत्र में जिन घरों मे शादी-विवाह है, वे शादी का कार्ड लेकर शाखा प्रबंधकों से मिन्नतें करते हुए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। खातों में पर्याप्त पैसा होने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। इलाके के लखविंदर सिंह, श्याम बिहारी गुप्ता, मुन्ना खां, नासिर खां आदि का कहना है कि 28 नवंबर को बेटियों की शादी के लिए उनके दरवाजे पर बारात आनी है। दिक्कत यह है कि उन्हें इस समय उधारी मिलने में भी समस्या आ रही है। क्योंकि मिलने-जुलने वाले और शुभचिंतकों के पास भी इतना कैश नहीं है, कि वह दूसरों की जरूरतों को पूरा कर सके। खातों में पैसा होने के बावजूद लोग जेब से कंगाल है। उधर इस संबंध में कस्बा स्थित एसबीआई, इलाहाबाद बैंक के मैनेजर बीएन शर्मा और सौरभ कुमार ने बताया कि लोगों की समस्या जायज है। बैंकों में कैश की कमी के चलते वे लोगो को जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हालात सामान्य होते ही सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप लोगो के खातों में जमा धनराशि का भुगतान किया जाएगा।