लखीमपुर खीरी। जिले के एक भी शिक्षक ने राज्य अध्यापक पुरस्कार में आवेदन नहीं किया है, जबकि 15 जून से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू है। जिलेभर में 8892 शिक्षक हैं। एक महीने में जिले से एक शिक्षक भी सामने नहीं आया। पहले 10 जुलाई तक अंतिम तिथि थी, अब 15 जुलाई तक शिक्षक आवेदन कर सकेंगे।
इस बार राज्य अध्यापक पुरस्कार योजना के नियमों में संशोधन किया था। पुरस्कार पाने के लिए छात्रों के नामांकन को मानक पर पहले नंबर पर रखा गया है। पुरस्कार की दौड़ में शामिल होने वाले शिक्षकों को प्रेरणा वेब पोर्टल पर 15 जून से 10 जुलाई के बीच ऑनलाइन आवेदन करना था, लेकिन जिले से 10 जुलाई तक एक भी आवेदन नहीं किया जा सका।
जिले से आवेदन न होने की दशा में पांच दिनों की समयावधि में बढ़ोतरी की गई। अब महज तीन दिनों का समय शेष है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जनपद चयन समिति शिक्षकों के आवेदन पत्रों का अभिलेखीय आधार पर परीक्षण, सत्यापन व मूल्यांकन के बाद दो श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन कर प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से राज्य चयन समिति को भेजती है। इसके बाद राज्य चयन समिति प्रत्येक जनपद के श्रेष्ठ शिक्षकों का साक्षात्कार करने के बाद चयन की संस्तुति करेगी। चयनित शिक्षक को शिक्षक दिवस यानी पांच सितंबर को पुरस्कृत किया जाएगा।
यह नियम बन रहा अड़चन
इस बार आवेदन के लिए शिक्षकों के सामने यह शर्त रखी गयी कि वही शिक्षक योजना का पात्र होगा, जिस शिक्षक की 15 वर्ष की श्रेष्ठ सेवा होगी, सेवानिवृत्त के लिए पांच वर्ष की सेवा बाकी हो। प्राथमिक विद्यालय में 150 से कम, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 105 से कम व कंपोजिट विद्यालय में 255 छात्र-छात्राओं से कम नामांकन न होने की दशा में शिक्षक आवेदन नहीं कर सकेगा।
चयनित शिक्षकों को मिलता है यह सम्मान
राज्य अध्यापक पुरस्कार योजना में जिले से भेजे जाने और राज्य स्तरीय समिति से चुने गए अध्यापक को 25 हजार रुपये, मेडल और प्रमाणपत्र दिया जाता है। अध्यापकों को दो वर्ष का सेवा विस्तार और एक अग्रिम वेतन वृद्धि से भी नवाजा जाता है।
शिक्षक ज्यादा से ज्यादा इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करें। 15 जुलाई तक आवेदन होने हैं। इसके बाद जनपद स्तरीय कमेटी शिक्षकों का साक्षात्कार करते हुए उनका नाम राज्य स्तर के लिए भेजेगी। वरिष्ठ शिक्षकों को भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए