तिकुनिया। क्षेत्र की कृषि उत्पादन मंडी समिति में समस्याओं का अंबार लगा है। यहां न प्रसाधन की व्यवस्था है और न ही शुद्ध जल ही किसानों को मिल रहा है। हाईमास्ट लाइटें भी खराब पड़ी हैं। समिति के प्रशासनिक कार्यालय में भी स्टाफ का अभाव है।
समिति में किसान गेहूं तथा धान के सीजन में अनाज बिक्री करने आते हैं। मंडी समिति में जो पानी की टंकी लगी है, उसकी सफाई कई सालों से नहीं हुई है। इसके चलते गंदा पानी आता है। हाईमास्ट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं।
किसान गज्जन सिंह, गणदीप सिंह, जसवीर सिंह, नीरज कुमार, अनिल कुंबले ने बताया कि तीन साल पहले मंडी समिति में मरम्मत कार्य के दौरान शौचालय ठेकेदार ने तोड़ दिया। इसका दरवाजा और खिड़की गोदाम में रखा है। अब उन्हें प्रसाधन के लिए मंडी समिति के बाहर जाना पड़ता है।
समिति में पूरब दक्षिण कोने की चहारदीवारी टूट गई है। इससे कुछ लोग अंदर घुसकर घर में पाटने के लिए मिट्टी खोदकर ले जाते हैं। छुट्टा पशुओं का भी चारागाह मंडी परिसर बना रहता है। मंडी परिसर में सड़कों पर किसान अपना धान सुखाते हैं। इस बीच आवारा पशु अनाज को नुकसान पहुंचाते हैं।
सचिव सहित कई पद सालों से रिक्त
कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंडी सचिव का पद सालों से रिक्त चल रहा है। इस पद पर निरीक्षक विमल कुमार कार्य कर रहे हैं। मंडी सहायक के छह पद मंडी निरीक्षक, लिपिक के तीन, चपरासी के दो, मंडी अभिरक्षक का पद वर्षों से खाली है। नवीन नियुक्ति न होने से सचिव विमल कुमार सहित दो अन्य कर्मचारियों काम देख रहे हैं।
वर्जन
सभी समस्याओं के बाबत तथा दो चबूतरों का और निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
सुरेंद्र विमल, कार्यवाहक सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति, तिकुनिया
तिकुनिया कृषि उत्पादन मंडी समिति में वर्षों से खराब पानी की टंकी। संवाद- फोटो : माता-पिता के साथ लेफ्टिनेंट गौरव मिश्र।