मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, कहा आपदा से कोई जन-धन की न हो हानि
बाढ़ के कारण किसी भी जिले में कोई जन-धन की हानि नहीं होनी चाहिए। इस प्राकृतिक आपदा को लेकर केंद्र और प्रदेश की सरकार गंभीर है। अधिकारी सुनिश्चित कर लें कि हर पीड़ित को पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न मिले, मकान ढह गए हों तो रहने की व्यवस्था कराएं और जरूरत पड़े तो लंगर चलवाएं, जिसमें शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन बने। किसी भी स्तर पर लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होगी। यह कहना है मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का। बुधवार को उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया।
मुख्यमंत्री ने तहसील धौरहरा के सिसैया चौराहा स्थित ओएनजीसी ग्राउंड पर बाढ़ पीड़ितों की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नेपाल से आने वाली नदियों के कारण यहां बाढ़ आती हैं, जिसके स्थायी समाधान की आवश्यकता है। इसे लेकर केंद्र और प्रदेश की सरकार गंभीर है। अधिकारियों को चेताया कि बाढ़ बचाव के लिए जिले में धन की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न मिलना चाहिए। जिनके घर टूट गए हैं, उनकी तिरपाल आदि से अस्थाई तौर पर रहने की व्यवस्था कराई जाए और बाद में प्रधानमंत्री आवास दिलाया जाए। बाढ़ पीड़ितों के साथ ही पशुओं के भी चारे आदि की व्यवस्था कराएं। किसी पशु पालक को कष्ट नहीं होना चाहिए। युद्ध स्तर पर राहत कार्य होने चाहिए। यदि कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो जनप्रतिनिधि सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी वितरित की।