पलियाकलां। भारत-नेपाल सीमा से सटा पलिया क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में लाचार है। ऐसा इसीलिए कि यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों व स्टाफ की भारी कमी है। मरीजों को बेहतर इलाज के लिए 85 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
पलिया सीएचसी में जनरल सर्जन, बाल रोग, हड्डी रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत नेत्र सर्जन के पद कई वर्षों से रिक्त हैं। पैथोलाॅजिस्ट, डार्क रूम असिस्टेंट के अलावा वरिष्ठ लिपिक का पद भी सालों से खाली हैं। ईसीजी टेक्नीशियन भी यहां तैनात नहीं हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमा क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही पलिया शहर की आबादी को किस तरह से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा होगा।
डाॅक्टरों की कमी के चलते ही गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। वहीं, कई मरीज खुद ही जिला मुख्यालय जाकर इलाज कराने के लिए विवश हैं। दो सफाईकर्मी पुरुष व एक महिला सफाईकर्मी सीएचसी में तैनात होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल एक पुरुष सफाईकर्मी ही यहां है। उस पर पूरे अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का जिम्मा है।
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सभी के एक्सरे व अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पाते
बीते कुछ दिन पूर्व अल्ट्रासाउंड मशीन जिला महिला अस्पताल से यहां भेजी गई है, लेकिन अल्ट्रासाउंड सुबह आठ बजे से दस बजे तक ही हो पाते हैं। इस संबंध में जानकारी की गई तो पता चला कि अल्ट्रासाउंड सीएचसी अधीक्षक रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. भरत सिंह करते हैं। वह सुबह दो घंटे अल्ट्रासाउंड करने के बाद विभागीय कार्य निपटाते हैं। वहीं, एक्सरे तो होते हैं, लेकिन विद्युत आपूर्ति न मिलने पर ये भी रुक जाते हैं। मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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सात पीएचसी व 21 आयुष्मान आरोग्य मंदिर जुड़े हुए
-पलिया सीएचसी से सात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व 21 आयुष्मान आरोग्य मंदिर आते हैं। इसमें खजुरिया, संपूर्णानगर, विशेनपुरी, त्रिकोलिया, परसिया, गौरीफंटा, मझगईं आदि जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी में डाॅक्टरों की तैनाती है, जबकि चंदनचौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल दो डाॅक्टर ही तैनात हैं। 21 जगहों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हुए हैं। सभी में सीएचओ की तैनाती है।
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220 आशा व 34 एएनएम हैं कार्यरत
पलिया सीएचसी के तहत 220 आशा व 34 एएनएम कार्यरत हैं। जिनके कार्यक्षेत्र बंटे हुए हैं और अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में स्थित आयुष्मान मंदिर व सेंटरों पर बैठकर कार्य करती हैं।
ये है स्थिति
पद कितने होने चाहिए कितने हैं
फिजिशियन : 02 : 01
रेडियोलॉजिस्ट : 01 : 01
जनरल सर्जन : 01 : 0
बाल रोग विशेषज्ञ : 01 : 0
हड्डी रोग विशेषज्ञ : 01 : 0
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ : 01 : 0
स्त्री रोग फिजिशियन : 01 : 01
नेत्र सर्जन : 01 : 0
पैथोलाॅजिस्ट : 01 : 0
वरिष्ठ लिपिक : 01 : 0
सफाईकर्मी पुरुष : 02 : 01
सफाईकर्मी महिला : 01 : 0
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पलिया सीएचसी में सीमित संसाधनों व डाॅक्टरों के साथ मरीजों को देखने का कार्य किया जा रहा है। डाॅक्टरों के लिए पहले व लगातार पत्राचार किया जा चुका है। शासन स्तर से ही डाॅक्टर यहां आ सकते हैं। व्यवस्थाओं को पहले की तुलना में काफी व्यवस्थित किया गया है। मरीजों के लिए भी कई कार्य सीएचसी में कराए गए हैं।
-डाॅ. भरत सिंह, अधीक्षक, सीएचसी पलिया
पलिया सीएचसी की ओपीडी में मरीज देखते डॉक्टर। संवाद
पलिया सीएचसी की ओपीडी में मरीज देखते डॉक्टर। संवाद