लखीमपुर खीरी में दो महीने पहले अगवा हुए अनुसूचित जाति के युवक का अब तक पता नहीं चला है। उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की है। परिजनों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मानव अधिकार आयोग ने एसपी खीरी से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले में 21 मई को गुमशुदगी दर्ज हुई थी, युवक की तलाश जारी है।
शहर से सटे राजापुर में किराये पर रहने वाले विजय के अपहरण के ढाई महीने बाद भी कोतवाली पुलिस उसे खोज नहीं पाई है। पिता राजकुमार ने मानव अधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि विजय राजापुर में ही कैलाश के मकान में किराये पर रहता था। मकान मालिक के बाहर रहने के कारण मकान की देखरेख शिवम और उसका भाई शिवा करते थे।
पुलिस ने रिपोर्ट लिखने में किया खेल
उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को शराब पिलाने के बाद उसके पुत्र विजय को यही दोनों लोग नकहा ले जाने की बात कहते हुए मकान से ले गए थे, जिसके बाद से विजय का कोई सुराग नहीं लगा है। इसी बीच इन लोगों ने पुत्र की मोटर साइकिल भी गायब कर दी है। भागदौड़ के बाद 21 मई को कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के नाम पर खेल करते हुए अपहरण को गुमशुदगी में दर्ज कर लिया। मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
पिता राजकुमार ने अनहोनी की आशंका जताते हुए बताया कि पुत्र के एटीएम का प्रयोग करते हुए 13 अप्रैल को दस-दस हजार रुपये की तीन बार निकासी भी की गई। उसके बैंक खाते के स्टेटमेंट में रकम दर्ज है। रकम दूसरे खातों में भी भेजी गई है। इधर शहर कोतवाल अंबर सिंह ने बताया कि राजापुर चौकी से संबंधित यह मामला गुमशुदगी का है, जिसमें नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।