शहरी क्षेत्र लखीमपुर में रात के समय हो रही पांच घंटे की बिजली कटौती का शेड्यूल बदलने के लिए डीएम किंजल सिंह ने पहल की है। शेड्यूल में बदलाव के लिए डीएम ने पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है, साथ ही नए शेड्यूल की टाइमिंग भी सुझाई है। हालांकि नए बिजली शेड्यूल को अभी बदला नहीं गया है, लेकिन प्रबंध निदेशक की ओर से इसे स्वीकृति मिल गई तो शहरवासियों को दो के बजाए तीन चरणों में बिजली सप्लाई मिलेगी। अधिशाषी अभिंयता (विद्युत) के माध्यम से भेजे गए पत्र में डीएम किंजल सिंह ने जो शेड्यूल सुझाया है, उसके मुताबिक सुबह सात बजे से लेकर 11 बजे, शाम चार बजे से छह बजे और रात आठ बजे से लेकर 11 बजे तक कटौती किए जाने का प्रस्ताव किया है।
चालू रोस्टरिंग के मुताबिक शहर में दो चरणों सुबह सात से 11 बजे और रात 11 से चार बजे तक बिजली कटौती का शेड्यूल है। हालांकि बिजली अधिकारियों का कहना है कि नया शेड्यूल लागू होने के बाद भले ही कटौती तीन चरणों में हो, लेकिन कटौती नौ घंटे की जाएगी।
मौजूदा रोस्टरिंग से हो रही दिक्कत
लखीमपुर में बिजली सप्लाई के लिए चालू रोस्टरिंग से लोगों को काफी दिक्कत हो रही हैं। रात में पांच घंटे तक कटौती किए जाने और मच्छरों की भरमार से लोगों की नींद हराम हो गई है। वहीं सुबह के समय हो रही चार घंटे की कटौती से लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली समस्या के लिए बना कंट्रोल रूम
शहरवासियों की बिजली समस्या को देखते हुए नई बस्ती उपकेंद्र पर कंट्रोल रूम खोला गया है। कंट्रोल रूम के 05872-272301 पर फोन करने पर आपकी शिकायत दर्ज की जाएगी तो वहां से संबंधित बिजली गैंग को इस बाबत बताया जाएगा। जिसके बाद फाल्ट दूर कर सप्लाई बहाल की जाएगी।
अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह ने बताया कि बिजली कटौती के नए शेड्यूल को लेकर डीएम की ओर से प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा गया है। पत्र में तीन चरणों में बिजली कटौती करने का प्रस्ताव है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है।
बिजली का रोस्टर न बदलने से परेशानी
तिकुनियां। कस्बे के उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से बीते एक माह से चल रहे रोस्टर में बदलाव किए जाने की मांग की है। रोस्टर में दिन की बिजली आठ घंटे किए जाने की मांग तराई किसान संघ ने विभाग के अधिशाषी अधिकारी से की है।
कस्बे मेंरात 11 बजे बिजली आती है और सुबह चार बजे चली जाती है। इसके बाद सुबह छह बजे आने के बाद 11 बजे चली जाती है। इसके विपरीत उपभोक्ता दिन में बिजली का रोस्टर आठ घंटे किए जाने की मांग कर रहे हैं, जिससे बिजली से चलने वाले उद्योग धंधे सुचारू रूप से चल सकें। वहीं रात में करीब आठ घंटे बिजली दिए जाने की मांग उपभोक्ताओं ने विभाग के अधिशाषी अधिकारी से की है।