गौरीफंटा बाॅर्डर पर युवाओं से वार्ता करते एसएसबी व एपीएफ अधिकारी। संवाद
गौरीफंटा (खीरी)। गौरीफंटा सीमा पर तैनात संयुक्त सीमा बल (एसएसबी) के जवानों से चेकिंग के दौरान आईडी प्रूफ दिखाने को लेकर एक नेपाली युवक से कहासुनी हो गई। उसने जवानों पर पीटने का आरोप लगा दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में नेपाली युवाओं ने एसएसबी के विरोध में प्रदर्शन कर बैरियर गिराकर भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगा दी। इससे करीब दो घंटे तक बाॅर्डर बंद रहा।
एसएसबी और नेपाल एपीएफ के अधिकारियों ने युवाओं से वार्ता की। इसके बाद बाॅर्डर पर आवागमन सामान्य हुआ। बृहस्पतिवार सुबह हुई घटना के बाद बाॅर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। सुबह करीब आठ बजे गौरीफंटा बाॅर्डर पर एसएसबी जवान नेपाल से आने-जाने वालों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक नेपाली युवक ने असली आईडी प्रूफ नहीं दिखाया। वहां मौजूद एसएसबी अधिकारी ने उसे वापस जाने के लिए कहा। इस पर नेपाली युवक और एसएसबी जवानों के बीच विवाद शुरू हो गया।
मामले में नेपाली नागरिक ने एसएसबी अधिकारी पर पिटाई करने का आरोप लगाया है, जबकि अधिकारी ने ऐसा न करने की बात कही। इधर, मामले को लेकर बड़ी संख्या में नेपाली युवा बाॅर्डर पर पहुंच गए और विरोध-प्रदर्शन करने के साथ ही नेपाल एपीएफ का बैरियर गिराकर बाॅर्डर बंद कर दिया। उन्होंने भारतीय वाहनों को रोकने के साथ ही एसएसबी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बाॅर्डर पर एसएसबी सहायक कमांडेंट रवि समोटा और नेपाल एपीएफ के डीएसपी धीरेंद्र शाह ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी ली।
साथ ही एसएसबी की तरफ से ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की बात कही। एसएसबी सहायक कमांडेंट रवि समोटा ने बताया कि अगर आईडी प्रूफ असली नहीं है तो नेपाल के पुलिस अधिकारी से फोटो काॅपी पर उसकी पुष्टि करने पर ही जाने देने की बात कही। इस पर युवाओं ने सहमति जताई। इसके बाद बाॅर्डर खुला और आवागमन शुरू हो सका।
गौरीफंटा बाॅर्डर पर युवाओं से वार्ता करते एसएसबी व एपीएफ अधिकारी। संवाद