मितौली। सहकारी समिति में इन दिनों यूरिया का संकट है। समिति में नौ दिनों से यूरिया की एक भी बोरी नहीं है, जबकि तीन दिन पहले मितौली के लिए 1200 बोरी यूरिया का आवंटन किया जा चुका है।
समिति पर यूरिया न होने से किसान काफी परेशान हैं। मजबूरन प्राइवेट से महंगे दामों पर खरीदने को विवश हैं। सोसाइटी सचिव अर्चना सिंह ने बताया कि समिति पर 300 बोरी एनपीके है। दो दिन पहले ही डीएपी का स्टॉक समाप्त हो गया है। वहीं यूरिया तीन दिसंबर से निल है।
यूरिया, डीएपी सहित अन्य खाद के लिए डिमांड की गई है, लेकिन अभी तक नहीं मिली है। जबकि 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जमा किए जा चुके हैं। इधर, समितियों पर खाद की आपूर्ति न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे किसानों में काफी आक्रोश है। यूरिया न मिलने से किसानों की बोआई लेट हो रही है। इधर, विभागीय सूत्रों ने बताया कि पीसीएफ की ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था काफी खराब है। जिले में यूरिया व अन्य खाद तो है, लेकिन समय पर समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
अलीगंज में भी डीएपी व एनपीके का संकट
किसान सेवा सहकारी समिति अलीगंज में भी इन दिनों खाद का संकट है। समिति पर 600 बोरी यूरिया तो है, लेकिन डीएपी व एनपीके नहीं है। किसान समिति पर खाद देने पहुंचता है, लेकिन उसको मिलती नहीं है।
अब यूरिया की डिमांड ज्यादा बढ़ी है, जिसकी वजह से कुछ दिक्कतें देखने को मिली है। रविवार तक सभी समितियों पर यूरिया पहुंचा दी जाएगी।
-रजनीश प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव