दो साल पहले आए नेपाली हाथियों ने भी आने और जाने में अपनाया था यही मार्ग
रविवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज के जंगल में मिली हाथियों की लोकेशन
बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फांटा से करीब तीन सप्ताह पहले शारदा नदी पार कर दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन के जंगल में पहुंचे जंगली हाथियों ने धीरे-धीरे वापसी और कदम बढ़ा दिए हैं। रविवार को इन हाथियों की लोकेशन पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के हरीपुर रेंज में मिली है। यहां से ये हाथी हजारा, संपूर्णानगर होते हुए वापस जा सकते हैं। इस बीच शनिवार रात को भी हाथियों ने मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट में जमकर उत्पात मचाया।
नेपाली हाथियों का दल शुक्रवार की शाम भीरा-पलिया हाईवे को क्रास कर किशनपुर सेंक्चुरी के जंगल में पहुंचा था। पूरे दिन जंगल में विश्राम करने के बाद हाथियों ने मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट के आसपास खेतों में जमकर उत्पात मचाया। किसान विजय पाल, विनोद कुमार, राजेश कुमार, देवेश कुमार और चंद्रस्वरूप की कई एकड़ धान और गन्ने की फसल को रौंदकर तबाह कर दिया। रात में ही बड़ी नहर पार कर जंगल ही जंगल चलते हुए पीटीआर की हरीपुर रेंज में जा पहुंचे हैं।
करीब 24 दिन पहले 16 जुलाई को नेपाल के शुक्ला फाटा से निकलकर जंगली हाथी शारदा नदी पार कर संपूर्णानगर रेंज के घमहाघाट और हजार होते हुए पीटीआर की हरीपुर रेंज में पहुंचे थे। वहां से दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) बफरजोन के भीरा रेंज की महराजनगर बीट होते हुए यह हाथी मड़हा जंगल तक आ गए। इन हाथियों ने न केवल किशनपुर सेंक्चुरी, बल्कि डीटीआर बफरजोन की मैलानी, भीरा रेंज के आसपास बसे गांव के खेतों में उत्पात मचाया और सैकड़ों एकड़ फसल को रौंद कर तबाह कर दिया। यही नहीं यह हाथी दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी और गोला रेंज तक धावा बोला था। कई दिनों तक मड़हा में डेरा डालने के बाद अब इन हाथियों ने नेपाल घर वापसी की ओर रुख किया है। मड़हा से भीरा रेंज और फिर किशनपुर सेंक्चुरी होते हुए पीटीआर की हरीपुर रेंज में जा पहुंचे हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में आए हाथियों ने भी अपने आवागमन का यही रूट अपनाया था।
वनाधिकारियों का अनुमान है कि हाथी धीरे-धीरे नेपाल वापसी का रुख कर रहे हैं, लेकिन शारदा नदी का जलस्तर अभी इतना कम नहीं हुआ है कि वे बच्चों के साथ नदी को पार कर सकें। फिलहाल वन विभाग पूरी सतर्कता बरतते हुए निगरानी कार्यों में जुटा हुआ है।
रविवार को नेपाली हाथियों की लोकेशन पीटीआर के हरीपुर रेंज में मिली है। इसकी सूचना पीटीआर के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने दी है। हाथियों के पीटीआर में होने के बावजूद डीटीआर बफरजोन की टीमें पूरी सावधानी के साथ हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन