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नेपाल का गन्ना खपाने के लिए फर्जी सट्टे का सहारा!

Fri, 13 Feb 2015 07:47 PM IST
लखीमपुर खीरी
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संपूर्णानगर चीनी मिल में फर्जी सट्टा बनाकर नेपाल का गन्ना खपाने का मामला सामने आया है। बार्डर के गांव सिद्धनगर (पीलीभीत) निवासी एक किसान ने मामले में शिकायत की तो इस मामले का भंडफोड़ हुआ। चीनी मिल के जीएम एके मिश्रा ने आनन-फानन में पांच किसानों के सट्टों को बंद कर दिया है और भुगतान पर रोक लगा दी है। वहीं जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने जांच बिठाई है।
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जनवरी बीत जाने के बाद भी पर्चियां न आने पर पीलीभीत जिले के गांव सिद्धनगर निवासी किसान गयासुद्दीन खां ने जीएम से पर्ची न भेजे जाने की बावत जानकारी की। इस पर जीएम ने ब्रिक सर्वे में रिकवरी कम आने की रिपोर्ट के चलते पर्ची जारी न होने की वजह बताई थी, जिसके बाद किसान ने गांव के कुछ ऐसे किसानों की जानकारी दी जिनके खेत में गन्ना नहीं था फिर भी निरंतर पर्चियां जारी हो रहीं थी। इसके अलावा ब्रिक सर्वे में उनकी रिकवरी भी अच्छी दिखाई गई थी। इस पर किसान गयासुद्दीन ने प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की, जिसके बाद प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई। जीएम एके मिश्रा ने सिद्धनगर के किसान शेषमणि तिवारी, उमाशंकर मिश्रा, रामप्यारे तिवारी, मुन्ना राय और बृजमोहन के सट्टे बंद कर दिए हैं। साथ ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर रोक लगा दी है। बताते चलें कि पिछले महीने गन्ना समिति के एक कर्मचारी का फर्जी सट्टा पकड़ा गया था, जिसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई हुई थी। आरोप है कि इसके बाद समिति और मिल कर्मचारियों की सांठगांठ से किसानों के नाम पर फर्जी सट्टे बनाए गए थे।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि इस मामले की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संपूर्णानगर और गन्ना समिति के सचिव से कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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