वार्डर पर माल वाहक वाहनों को छोड़कर लौटाए जा रहे अन्य वाहन
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भारत-नेपाल सीमा के करीब 20 नाके कोरोना संक्रमण के कारण चल रहे हैं बंद
धनगढ़ी (नेपाल)। भारत-नेपाल सीमा के बंद चल रहे करीब 20 नाकों (बार्डर) को खोलने का बीते दिन हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया था। तीन दिन बीतने के बाद भी बार्डर तक आदेश की प्रति नहीं पहुंची है, जिससे भारतीय वाहनों को लौटाया जा रहा है। वहीं, मालवाहक वाहनों को पहले की तरह इंट्री दी जा रही है।
कोरोना संक्रमण के चलते करीब 18 माह से भारत-नेपाल सीमा के 20 नाके बंद चल रहे हैं। मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इन नाकों को खोलने का निर्णय लिया गया था। नेपाल सरकार के प्रवक्ता और कानून न्यास व संसदीय मामला मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने भी गौरीफंटा-धनगढ़ी, गड्ढा चौकी-बनबसा समेत 20 नाकों को खोलने के निर्णय लेने की बात कही थी, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी नेपाल गृह मंत्रालय द्वारा जिला प्रशासन व बार्डर पर तैनात सुरक्षा बलों के पास आदेश की प्रति नहीं भेजी है, जिसके कारण शुक्रवार तक आवागमन सुचारू नहीं हो सका है। बार्डर पर पहुंचे भारतीय और नेपाली वाहनों को सीमा से ही सुरक्षा बलों द्वारा लौटाया जा रहा है। हालांकि नेपाल जाने वाले भारतीय मालवाहक वाहनों को पूर्व की तरह नेपाल जाने दिया गया।
कैलाली के डीएम खगेंद्र प्रसाद रिजाल ने बताया कि बार्डर खोलने के निर्णय पर भारत सरकार की सहमति भी जरूरी है, इसको लेकर भारतीय केंद्रीय कमेटी को भी नेपाल सरकार ने अवगत कराया है। भारतीय कमेटी की ओर से बार्डर खोलने की सहमति के बाद दोनों देशों के जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक के बाद बार्डर खोला जाएगा।