डीएम किंजल सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य पोषण मिशन की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में मार्च महीने में अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों में कुपोषण में कमी लाने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की। डीएम ने उन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है, जिन्होंने गांवों का भ्रमण कर आख्या प्रेषित नहीं की है।
समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि जिस ब्लाक में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या कम या शून्य दर्शाई गई है। वहां के चिकित्साधिकारियों एवं सीडीपीओ को चेतावनी दी कि भविष्य में आपस में तालमेल स्थापित कर कुपोषित बच्चों और गंभीर एनमिक महिलाओं का चिन्हांकन सही तरीके से करें। साथ ही निर्देश दिया कि अगली बैठक में सभी सीडीपीओ अपने-अपने क्षेत्र के लाभार्थियों का रजिस्टर एवं समस्त सूचनाओं सहित बैठक में आएं।
सीडीओ नितीश कुमार ने कहा कि कुपोषित बच्चों का सही मूल्यांकन मानवीय आधार पर करें और उनके प्रति सहानुभूति रखते हुए कार्य करें। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को गांव में समय-समय पर भ्रमण कर उनकी समस्याओं को सुनने और उनका निस्तारण करने का निर्देश दिया।
बुधवार, शनिवार को गांवों में जाएं
सीडीओ ने बैठक में बताया कि प्रदेश स्तर पर 42 प्रतिशत कुपोषण पाया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी बुधवार और शनिवार के दिन गांवों में भ्रमण पर जायें। संबंधित सीडीपीओ एवं स्वास्थ्य अधिकारियों का मोबाइल नंबर रखकर समन्वय स्थापित करें।