लखीमपुर खीरी। शहर में नालों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती दिखाई दे रही है। कई प्रमुख इलाकों में नाले कूड़े-कचरे और सिल्ट से पूरी तरह चोक पड़े हैं, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है।
हल्की बारिश में ही सड़कों पर पानी भरने लगता है और लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। शहर में करीब 51 छोटे-बड़े नाले हैं। शुक्रवार को प्रमुख नालों की पड़ताल की गई तो अधिकांश नाले गंदगी से चोक मिले। रोडवेज बस अड्डे के पास बने नाले में गंदगी भरी मिली। जीजीआईसी रोड पर बने नाले का भी यही हाल रहा। डीएम बंगला रोड पर नाले में जगह-जगह गंदगी तैरती नजर आई। सबसे खस्ता हाल सेठघाट के नाले का मिला, जहां गंदगी के कारण नाला सिर्फ नाम का रह गया है। रेलवे स्टेशन के पास नाला भी गंदगी से ढका मिला।
सफाई न होने से शहर के नाले चोक पड़े हैं। गंदगी की वजह से मच्छरों के पनपने के साथ ही संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। बारिश के समय गंदगी और बढ़ जाती है।
-सचिन गुप्ता, व्यापारी
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बाजार में नालों की सफाई कई दिनों से नहीं हो रही है। सफाईकर्मी सिर्फ झाडू लगाते हैं, नालों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। नालों में गंदगी पटी पड़ी है। थोड़ी सी बारिश में जलभराव हो जाता है।
-शुभम श्रीवास्तव, शहरवासी
34 सफाई कर्मियों के सहारे 50 प्रतिशत काम का दावा
नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि 21 मार्च से शहर के 5 बड़े, 7 मंझोले और 39 छोटे नालों की तली झाड़ सफाई कराई जा रही है। इसके लिए 34 सफाई कर्मी लगाए गए हैं। अब तक 50 प्रतिशत काम पूरा होने और बरसात से पहले सफाई खत्म करने का दावा किया जा रहा है।
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शहर के सभी नालों की सफाई शुरू हो चुकी है। बड़ी संख्या में सफाई कर्मी लगाकर तली-झाड़ सफाई कराई जा रही है। मानसून आने से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा।
-संजय कुमार, ईओ नगर पालिका लखीमपुर
रेलवे स्टेशन के बाहर गंदगी से पटा पड़ा बड़ा नाला। संवाद
रेलवे स्टेशन के बाहर गंदगी से पटा पड़ा बड़ा नाला। संवाद
रेलवे स्टेशन के बाहर गंदगी से पटा पड़ा बड़ा नाला। संवाद