नेपाल से भटककर कस्बा पहुंची नैंसी से जब पुलिस ने भी पल्ला झाड़ लिया। तब उसका सहारा यहां की एक महिला और उसका परिवार बना। उसके परिवार वालों को किसी तरह से सूचना देकर उसे लेने के लिए नेपाल से उसका पिता आया। बेटी को पाकर उसका पिता और नैंसी रो पडे़। नैंसी को लेकर वह साथ चला गया।
शनिवार की शाम करीब सात बजे 14 वर्षीय किशोरी कस्बे के पलिया रोड स्थित मुराती देवी पत्नी मुन्ना के घर जा पहुंची। मुराती देवी अपने किराए के मकान पर अपनी बेटी नीलम के साथ खाना आदि बनाने में बिजी थी। किशोरी को अचानक घर के अंदर प्रवेश करते ही वह डर गई। किशोरी से जब मुराती देवी ने पूछा तो उसने अपना नाम नैंसी निवासी नेपाल बताया। नैंसी यहां कैसे पहुंची इस बात का वह जवाब नहीं दे सकी। उसने यह बताया कि धनीराम गुप्ता उसके मामा हैं। उनसे मिलने के लिए नेपाल से आई है।
रात अधिक होने के कारण उसने अपने घर में रोक लिया। उसके बाद वह उसे धनीराम गुप्ता के पास लेकर गई। धनीराम गुप्ता को देखकर उसने मामा न होने की बात कही। उसके बाद कस्बे के एक पत्रकार की मदद से वह थाने गई। वहां पर एसओ ने उसे पत्रकार और मुराती देवी के पास रखने को कहा। मुराती देवी उसे लेकर घर आईं और उससे मोबाइल नंबर आदि बताने का दबाव बनाया। किसी तरह से नेपाल का नंबर लगाया। मामला पेचीदा होने के कारण मुराती देवी नैंसी को भजन पुरवा निवासी किरन मौर्या के घर छोड़ आईं।
किसी तरह से उनके पति ने नेपाल में संपर्क कर उसके पिता से बात की। रविवार की देर शाम उसका पिता रामनिवास भजनपुरवा पहुंचा। उसने बताया कि वह नेपाल के शिव शक्ति टोल जिला बरदिया थाना गुलरिहा का रहने वाला है। दिमागी संतुलन सही न होने के कारण बेटी यहां आ गई थी। अपने पिता रामनिवास को देखकर नैंसी बेहद खुश हुई। किरन और उनकी बड़ी पुत्री नेहा और नैंसी ने नेपाल से आई नैंसी को अंग वस्त्र आदि भेंट किया।