शिवमंदिरों में दिनभर रही भक्तों की भारी भीड़
देवकली में लगा सपेरों का मेला, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
नागपंचमी जिले भर में श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के साथ नागदेवता की भी पूजा की। नागपंचमी के दिन शिव मंदिरों में भारी भीड़ रही। लोगों ने मंदिरों के अलावा घरों में दूध भरा कटोरा रखकर नाग देवता का आह्वान किया। लोगों ने नागदेवता के दर्शन कर गंगाजल, दूध, पुष्प, अक्षत आदि अर्पित कर पूजा की।
नाग उपासना के लिए प्रसिद्ध देवकली तीर्थ पर सपेरों का मेला लगा। आसपास के कई जिले के लोगों ने देवकली पहुंचकर नागों के दर्शन किए। देवेश्वर नाथ शिव मंदिर में भगवान शंकर की पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सूर्य कुंड और सर्प कुंड में स्नान किया। वहां की मिट्टी अपने घरों में ले गए। वहीं नेपाली बाबा के आश्रम पर काल सर्प योग के निदान के अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इसमेें सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
भुइफोरवानाथ मंदिर पर सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव की पूजा अर्चना की। नाग देवता के दर्शन कराने को यहां बड़ी संख्या में सपेरे इकट्ठा हुए थे। श्रद्धालुओं ने नाग के दर्शन करने के बाद सपेरों को दक्षिणा दी। शाम को महिलाओं और कन्याओं ने मंदिर परिसर में गुड़िया डाली। इस मौके पर कुश के कोड़ों की खूब बिक्री हुई।
नागपंचमी पर शिव मंदिर में उमडे़ भक्त
गोला गोकर्णनाथ। नाग पंचमी पर शिव मंदिर में भक्तों की खासी भीड़ पूरे दिन बनी रही।
ममरी। नाग पंचमी गुड़ियों का त्योहार नाग देवता के पूजन के साथ परंपरा के अनुसार मनाया गया।
जंगबहादुर गंज। क्षेत्र के गांव सुखबसा में नागपंचमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया, यहां लोगों ने नाग देवता का पूजन कर प्रसाद प्रसाद चढ़ाया।
नाग पंचमी पर भक्तों ने की नाग पूजा
गोला गोकर्णनाथ। सावन माह में नाग पंचमी पर नाग की पूजा का विशेष महत्व है। नगर की मोहम्मदी रोड पर नाग पंचमी के अवसर पर धार्मिक आस्था से गुड़िया मेला लगा रहा, जहां महिलाओं, युवतियों, कन्याओं ने कपड़े की कतरन से बनी गुड़िया डालकर सावन गीत गाए। बालकों ने मूज से बने कोड़े से गुड़ियों की पिटाई कर वर्षों से चली आ रही रीति निभाई। मेले में सजी खिलौनों की दुकानों पर बच्चों ने जमकर खरीदारी की और लगे झूलों पर झूला झूलकर आनंद लिया।