लखीमपुर खीरी। कलक्ट्रेट, विकास भवन, नगर पालिका, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, नगर पंचायत, ब्लाक, अस्पताल, स्कूल सहित सभी सरकारी कार्यालयों में पांच हजार से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उनके चेहरे खुल उठे।
कर्मचारियों ने कहा कि अब उनके भी दिन बहुरने वाले हैं। अभी तक कंपनियों मनमानी करती थीं। समय पर मानदेय नहीं देती थीं, लेकिन अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) के गठन होने पर इस तरह की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। अब उन्हें एक साल के बजाय तीन साल की सेवा का अवसर मिलेगा। साथ ही उनका वेतन भी 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 16 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक किया जाने वाला है।
आउटसोर्स कर्मचारियों से महीने में 26 दिन सेवा ली जाएगी। कर्मचारी तीन वर्षों के लिए अपनी सेवाएं दे सकेंगे। कर्मचारियों का वेतन पांच तारीख तक सीधे उनके खातों में भेज दी जाएगी। ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान अब सीधे खाते में जाएगा, जबकि अभी तक राशि सर्विस प्रोवाइडर के पास जाती चली जाती थी। जनपद के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आभार व्यक्त करते हुए उनके इस प्रयास की सराहना की।
सरकारी विभागों का अनुमानित आंकड़ा
बेसिक शिक्षा विभाग में 66, माध्यमिक शिक्षा में 75, विकास भवन में 20, कलेकट्रेट के विभिन्न विभागों में 25, जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित स्वास्थ्य विभाग में करीब 102 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के हैं। जिले की चार नगर पालिका में 1273, आठ नगर पंचायत में 950, कृषि विभाग व उसकी अन्य शाखाओं में 105, जिले के 207 स्कूलों व कॉलेजों में 750, रेलवे, खेल विभाग, जल निगम, नगर विभाग, बाढ़ खंड, रेशम विभाग, रोडवेज, परिवहन आदि विभागों में पांच हजार से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारी सेवाएं दे हैं। इसमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, चतुर्थश्रेणी, तकनीकी कर्मचारी आदि शामिल हैं।