माने जाते थे राजनीति के पुरोधा, हंसमुख स्वभाव और समाज सेवा के लिए थे मशहूर
पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के करीबी रहे क्षेत्र में चिकित्सा, समाजसेवा के लिए प्रसिद्ध डॉक्टर मूलचंद मिश्र का बीमारी के चलते इलाज के दौरान निधन हो गया है। वह 84 वर्ष के थे।
नगर के अलीगंज रोड निवासी डॉ. मूलचंद मिश्र कई महीनों पहले चोट लग जाने के कारण बिस्तर पर थे। 23 जनवरी की रात अचानक उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो उन्हें लखीमपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान 24 जनवरी की सुबह आठ बजे उनका निधन हो गया। स्वर्गीय मिश्र नगर पालिका परिषद के कई बार सदस्य और सपा के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रहे। उन्होंने वर्ष 1952 में समाजसेवा के साथ चिकित्सा कार्य शुरू किया था। वह अपने हंसमुख स्वभाव के कारण लोगों के चहेते थे। उन्हें राजनीतिक पुरोधा माना जाता था। उन्होंने वर्ष 1965 में राधास्वामी सत्संग आगरा से जुड़ कर दीक्षा प्राप्त की और आजीवन सत्संगी रहे। वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी थे। उनका माखनलाल मिश्र, रामभजन शर्मा, धर्मगज सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री बालगोविंद वर्मा से मित्रवत व्यवहार था। वह नगर के निकटवर्ती गांव जड़ौरा के मूल निवासी थे।
निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर विधायक विनय तिवारी, पूर्व विधायक अरविंद गिरि, बीटू पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, अरविंद पांडे, अवधेश मिश्र आदि पहुंचे। मूलचंद अपने पीछे पुत्रवधू उमा मिश्रा, पौत्र डॉ समर्पित मिश्र, इंजीनियर सहर्ष मिश्र, पौत्री राधा को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार नगर के मुक्तिधाम में किया गया। मुखाग्नि उनके बड़े पौत्र डॉ समर्पित मिश्र ने दी।