भाकपा माले पोलित ब्यूरो के राज्य सचिव रामजी राय ने केंद्र और राज्य
सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि दोनों सरकारों के खिलाफ पार्टी
चार और पांच मई को लखनऊ में प्रदर्शन करने जा रही है। इसमें प्रदेश भर के
कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 30 और 31 मई को राज्यस्तरीय
सम्मेलन होगा, इसमें देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी।
पत्रकारों
से बातचीत में उन्होंने नेपाल में भूकंप पीड़ितों की मदद की बात कही।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार चुनावी वादों को पूरा नहीं कर सकी है। कालाधन
वापस नहीं आया, बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिला और महंगाई से लोग आज भी
त्रस्त हैं। रामजी राय ने कहा कि सौ दिन में उपद्रव, उत्पात और उन्माद ही
मोदी सरकार की उपलब्धि रही है।
भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध कर उन्होंने कहा
कि इससे पूंजीपतियों का फायदा होगा, जबकि किसान हाशिए पर चले जाएंगे। श्रम
कानूनों में भी कटौती कर किसान-मजदूरों को लाचार बनाया जा रहा है।
उन्होंने किसानों का कर्ज और बिजली का बिल माफ करने पर जोर दिया।
अखिल
भारतीय किसान महासभा के सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश भर
में 350 किसान आत्महत्या कर चुके हैं और करीब 800 किसानों की सदमे से मौत
हुई है। जबकि सपा मुखिया मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तीन
किसानों की मौत होने की बात कह रहे हैं। इसलिए किसानों तक मुआवजा नहीं
पहुंच रहा है। केंद्रीय कमेटी की सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि जिले में
चार तहसील के लोग बाढ़-कटान से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से
तबाह हैं फिर भी गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने लखनऊ
सम्मेलन में जिले से करीब 400 से अधिक कार्यकर्ताओं भाग लेने की उम्मीद
जताई। इस दौरान केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुधाकर और राज्य कमेटी सदस्य
क्रांति कुमार सिंह भी मौजूद थे।