लखीमपुर खीरी। फसलों में लगने वाले हानिकारक कीटों से राहत देने व रासायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए कृषि विभाग की ओर से सोलर लाइट ट्रैप योजना लागू की गई है। यह योजना एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) के तहत संचालित है। विभाग की इस पहल से किसान अपनी फसलों को कीट प्रकोप से सुरक्षित करते हुए रसायन मुक्त, सुरक्षित एवं सतत कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दें। जिला कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि सोलर ऊर्जा से संचालित यह आधुनिक लाइट ट्रैप दिन में सूर्य की रोशनी से चार्ज होकर रात में स्वतः प्रकाश देती है। प्रकाश की ओर आकर्षित होकर कीट ट्रैप में लगे संग्रह चैंबर में गिर जाते हैं, जिससे वे फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते। जरूरी पड़ने पर इसे बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है।
खेतों में इसे लकड़ी या पोल के सहारे आसानी से स्थापित किया जा सकता है। इससे बड़े क्षेत्र में प्रभावी कीट नियंत्रण संभव होता है। इस तकनीक के उपयोग से कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग पर रोक लगेगी, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से भी बचाव होगा। साथ ही किसानों की लागत में कमी आएगी और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार होगा।
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635 रुपये वाली ट्रैप लाइन मिलेगी मात्र 204 रुपये की
-जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि सोलर लाइट ट्रैप की कीमत मात्र 635 रुपये है, जिस पर 75 प्रतिशत अनुदान यानी 431 रुपये अनुदान है। यानी किसान को यह मशीन सिर्फ 204 रुपये में मिल जाएगी। जिले को कुल 1500 सोलर लाइट ट्रैप इकाइयां मिली हैं, जिनका वितरण प्रत्येक विकास खंड में कृषि रक्षा इकाइयों के माध्यम से किया जाएगा।किसानों से अपील है कि वे इसका इस्तेमाल कर लाभ उठाएं।