लखीमपुर खीरी। चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में हुए गोलीकांड की विवेचना में पुलिस अब मोबाइल फोन और बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। बुधवार को वादी मुकदमा शादाब अख्तर के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद मृतक निशात फातिमा और सऊद के मोबाइल फोन जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), लखनऊ भेजे गए। घटनास्थल से बरामद दोनों तमंचे और कारतूस भी फोरेंसिक व बैलिस्टिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जांच को विवेचना में शामिल कर रही है। घटना से पहले और बाद में संबंधित लोगों के बीच हुए संपर्क से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों से सिलसिलेवार पूछताछ कर रही है। घटना के दौरान कौन-कहां मौजूद था, गोली चलने के समय क्या हुआ और उसके बाद घटनास्थल की स्थिति क्या रही, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस बयानों और वैज्ञानिक जांच से मिले तथ्यों का मिलान कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल, फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच की रिपोर्ट करीब एक सप्ताह में आने की उम्मीद है। पुलिस का प्रयास है कि रिपोर्ट इससे पहले मिल जाए, ताकि विवेचना आगे बढ़ाई जा सके। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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ये है पूरा मामला
शाहपुराकोठी चौराहे के पास स्थित चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में 21 सितंबर को शिक्षिका निशात फातिमा की चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद नौरंगाबाद निवासी मोहम्मद सऊद ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। निशात फातिमा मोहल्ला हिदायतनगर की निवासी थीं।
निशात और सऊद के परिवारों में पुराने पारिवारिक संबंध थे। दोनों एक-दूसरे के करीब थे। घटना के संबंध में निशात के भाई शादाब अख्तर ने सऊद, उसके पिता कय्यूम अंसारी और मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शादाब ने आरोप लगाया था कि सऊद कुछ दिनों से उनकी बहन को परेशान कर रहा था और शादी का अनुचित दबाव बना रहा था। आरोप है कि सऊद के परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने उसे नहीं समझाया।
मामले की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और तमंचे व कारतूस जांच के लिए भेजे गए हैं। घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब ये जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेंगे। -डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी