- हैदराबाद की संस्था खाद व्यापारियों को देगी प्रशिक्षण
- 20 हजार की फीस में 10 हजार अनुदान देगी सरकार
- 40 व्यापारियों के पहले बैच की क्लासेज आज से
खाद का व्यापार करने से अयोग्य हो चुके व्यापारियों को अब वैधता का लाइसेंस मिल सकेगा, जिसके लिए व्यापारियों को 48 क्लास अटेंड करने पर डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विस फार इनपुट डीलर्स (देशी) दिया जाएगा। 48 सप्ताह का यह कोर्स हैदराबाद की संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (देशी) कराएगी। सप्ताह के प्रत्येक रविवार को छाउछ स्थित कृषि भवन में क्लास चलेंगी। कोर्स की प्रति व्यापारी 20 हजार रुपये फीस तय है, जिसमें 10 हजार रुपये केंद्र सरकार अनुदान देगी।
बता दें कि वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने सिर्फ कृषि स्नातक या डिप्लोमाधारी को खाद का व्यापार करने के लिए लाइसेंस देने का प्राविधान कर दिया है। लिहाजा इससे पूर्व में खाद व्यापार कर रहे अधिकांश लाइसेंसधारक अवैध हो चुके हैं। हालांकि सरकार ने पुराने लाइसेंसधारकों को राहत देते हुए उनके लाइसेंस निरस्त नहीं किए थे, लेकिन नए लाइसेंस सिर्फ कृषि स्नातक या डिप्लोमाधारकों को ही जारी हो रहे हैं। अब पुराने लाइसेंसधारकों को वैधता प्रदान करने के लिए सरकार ने 48 सप्ताह का कोर्स तैयार कराया है, जिसका प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत व्यापारी को डिप्लोमा समकक्ष की अर्हता प्रदान की जाएगी। एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (आत्मा) को नोडल बनाया गया है, जिसकी देखरेख में सोमवार को 40 व्यापारियों के पहले बैच का प्रशिक्षण प्रारंभ हो जाएगा।
इच्छुक युवा भी कर सकते हैं कोर्स
कृषि में डिप्लोमा की अर्हता प्राप्त करने के लिए व्यापारियों के अलावा अन्य इच्छुक व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि यह उनके लिए मुफीद होगा, जो कृषि क्षेत्र में कोई व्यापार करना चाहते हैं। हालांकि ऐसे अभ्यर्थियों को अनुदान नहीं दिया जाएगा।
40 व्यापारियों के पहले बैच की क्लासेज सोमवार से कृषि भवन में प्रारंभ हो जाएंगी। 48 सप्ताह में कोर्स पूरा होगा, जिसमें प्रत्येक रविवार को क्लास लगेंगी। इसके बाद दूसरे बैच का प्रशिक्षण प्रारंभ होगा। - एसपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी