पलिया तहसील में एसडीएम को ज्ञापन देने के दौरान उसमें लिखी बाते बताते भाकपा माले के कार्यकर्ता।
पलियाकलां। भाकपा माले के राज्यव्यापी आह्वान पर बृहस्पतिवार को पार्टी कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन से जुलूस निकालकर तहसील पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को निशाना बनाकर जूता फेंकने की निंदा की गई है। साथ ही रायबरेली में अनुसूचित जाति के युवक की हत्या व असंवैधानिक रूप से चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।
पार्टी की केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पर चाहे जूता फेंकना हो या फिर रायबरेली में अनुसूचित जाति के युवक की भीड़ द्वारा हत्या की गई हो, दोनों ही घटनाएं संविधान विरोधी मनुवादी सोच की अभिव्यक्ति हैं।
कहा कि भाजपा सरकार में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को पैरों तले रौंदने वाले लोगों का मनोबल बढ़ा है। कहा कि जूता फेंकने वाले की गिरफ्तारी न होने और उसके द्वारा मीडिया में बयान देकर अपने कृत्य की महिमा का मंडन करने की छूट देना चिंतित करने वाला है।
भाकपा माले मांग करती है कि न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही रायबरेली में भीड़ द्वारा अनुसूचित जाति के युवक की हत्या के मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाए। इस दौरान अखिल भारतीय किसान महासभा के उपाध्यक्ष कमलेश राय, पूर्व प्रधान अमरीक सिंह, आशीष पटेल, नीलम वर्मा, कमला देवी, संगीता, इश्तियाक खान, छोटू समेत अन्य लोग मौजूद रहे।