मेडिकल स्टोर की जांच करतीं औषधि निरीक्षक बबिता रानी व पुलिसबल। स्रोत विभाग
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लखीमपुर खीरी। गोला के बाद अब पलिया में नशीली दवाओं का कारोबार पकड़ा है। एक मेडिकल संचालक ने अवैध तरीके से 2.42 लाख नशीले कैप्सूल बेच डाले। औषधि निरीक्षक ने आरोपी के खिलाफ पलिया थाने में बीएनएस की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। संचालक का लाइसेंस निलंबित व निरस्त किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
औषधि निरीक्षक बबिता रानी ने बताया कि पलिया के चमन चौराहा के मोहल्ला पठान में स्थित अली मेडिकल स्टोर पर लंबे समय से नशीली दवाओं का कारोबार हो रहा था। स्टोर के संचालक रिजवान अली ने कानपुर की एचएस फार्मा कंपनी से 2.42 लाख संख्या में प्यूरोक्सोविन स्पास कैप्सूल खरीदे थे। शासन ने खरीदे गए इन कैप्सूल की जांच के निर्देश दिए, जब मेडिकल स्टोर पर जांच की गई तो वहां यह कैप्सूल नहीं मिले।
पूछने पर मेडिकल संचालक ने कोई भी नशीली दवाएं न खरीदने की बात कही, जबकि कानपुर की एचएस फार्मा कंपनी ने मेडिकल संचालक के द्वारा दवाएं खरीदे जाने की पुष्टि की और सारे दस्तावेज भेजे। औषधि निरीक्षक कानपुर ने भी इसकी रिपोर्ट भेजी। इससे यह पता चला कि यह दवाएं इसी मेडिकल स्टोर संचालक ने खरीदी हैं।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि ऐसे में यह तय है कि मेडिकल संचालक ने नशा करने वालों को यह कैप्सूल अवैध तरीके से बेचे हैं, जो गैरकानूनी हैं। आरोपी मेडिकल संचालक रिजवान अली के खिलाफ बीएनएस की 308, 331, 340 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की रिपोर्ट सहायक आयुक्त औषधि लखनऊ मंडल लखनऊ को भेजी गई है।
बता दें कि गोला में पीयूष मेडिकल एजेंसी व उसके घर से अक्तूबर में लाखों रुपये की नशीली दवाएं मिली थीं। दुकान व घर से ट्रामाडोल कैप्सूल मिले थे। इस मामले में मुख्य संचालक सहित तीन के खिलाफ गोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।