अभी गंभीर मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया में लगेगा वक्त
ओयल/खीरी। मोतीपुर स्थित एमसीएच विंग में अब भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी हैं। यही कारण है कि अभी गंभीर मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। इसके लिए अभी मरीजों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। वहीं बुधवार दोपहर तक 384 नए मरीज और करीब 150 पुराने पर्चों पर मरीज देखे गए। पैथालॉजी में 339 जांचें हुईं।
जिम्मेदारों की जल्दबाजी मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है, क्योंकि न तो अस्पताल तक अभी रोड ही बन सका है और न ही पेयजल की ही व्यवस्था है। वहीं वार्ड तक व्यवस्थित नहीं है। ऐसे में मरीजों को करीब छह सौ मीटर कच्ची सड़क पर चलकर अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर न होने से मरीज को तीमारदार गोद में लेकर डॉक्टर को दिखवा रहे हैं।
हालांकि एमसीएच विंग में सिर्फ लैब ही पूरी तरह से तैयार हो पाई है, जिसमें बुधवार को 339 जांचें की गईं। वहीं सर्जिकल वार्ड में तीन लावारिस मरीज भर्ती हैं।
रोड बनाने का काम शुरू
एमसीएच विंग तक का रास्ता बनाने का काम शुरू हो गया। हालांकि दो दिन तक मौसम खराब होने के कारण काम बंद रहा था। कार्यदायी संस्था का कहना है कि मिट्टी को समतल करने का काम जारी है। एक-दो दिन में सड़क बनाने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।
चार लावारिस मरीज जिला अस्पताल से ट्रांसफर होकर आए हैं। दो नए मरीज भर्ती हुए हैं। अस्पताल को व्यवस्थित कर वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। चिल्ड्रन और मेडिकल वार्ड दूसरी मंजिल बनाया गया है। कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह में मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे मरीज एवं एंबुलेंस आने जाने में असुविधा न हो।
- डॉ. एसी श्रीवास्तव, सीएमएस, एमसीएच विंग