मैगलगंज के मुख्य चौराहे पर खड़े रेहड़ी व ठेले। संवाद
मैगलगंज। कस्बे से गुजर रहे दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सड़क किनारे फैले अतिक्रमण से आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। हाईवे पर दुकानों, ठेलों और अवैध पार्किंग के कारण मार्ग संकरा हो गया है, जिससे रोजाना जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
गांव रहजनियां के पास हाईवे किनारे मशहूर गुलाब जामुन के नाम से करीब दस दुकानें सड़क से सटकर संचालित हैं। यहां न तो पार्किंग की कोई व्यवस्था है और न ही यातायात नियंत्रण। ट्रक, कार और बाइक सीधे हाईवे पर खड़े हो जाते हैं। इससे पैदल राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
यही स्थिति मैगलगंज के मुख्य चौराहे पर है, जहां सड़क के दोनों ओर ठेले लगने से रास्ता और संकरा हो गया है। व्यस्त समय में यहां घंटों जाम लगा रहता है। इसके अलावा मैगलगंज से पीलीभीत और नैनीताल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-730 पर भी करीब बीस दुकानों के कारण हाईवे पर ही वाहन रुकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। हाईवे पर अतिक्रमण हटाने और सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था न होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
वर्जन
आरओडब्ल्यू को छोड़कर यदि कोई रेहड़ी लगाता है या अतिक्रमण करता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि, लगभग हर जिले में एनएचएआई की तरफ से हाईवे से 150 मीटर का एरिया खाली छोड़ने के लिए कहा जा रहा है, जिससे हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
-पुष्पेश कुमार, एई, एनएचएआई