लखीमपुर खीरी। कब्रिस्तान में बैठकर गांजा पीने से रोकने पर तमंचे से गोली मारकर युवक की हत्या करने के मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को दोषी शामीद को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं बाद में तलब किए गए सह अभियुक्त शब्बू और गुड्डू को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 जुलाई 2007 को सुबह करीब साढ़े नौ बजे गोटिया बाग निवासी ताज मोहम्मद अपने भाई शान मोहम्मद के साथ जा रहा था। गोटिया बाग कब्रिस्तान में मोहल्ले के शामीद अपने भाई शब्बू और साथी गुड्डू निवासी गोटिया बाग के साथ गांजा पी रहा था। शान मोहम्मद के टोकने पर शामीद नाराज हो गया। आरोप है कि शब्बू और गुड्डू के उकसाने पर शामीद ने तमंचे से शान मोहम्मद को गोली मार दी।
ताज मोहम्मद के शोर मचाने पर इरफान अली और हाशिम अली भी मौके पर पहुंचे। उनके ललकारने पर आरोपी भाग गया। पास-पड़ोस के लोगों और राहगीरों की मदद से शान मोहम्मद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाली पुलिस ने शामीद को हत्या में प्रयुक्त तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था।
अदालती कार्रवाई के दौरान शब्बू और गुड्डू को भी सह अभियुक्त के रूप में तलब कर मुकदमा चलाया गया। बृहस्पतिवार को जिला जज शिवकुमार सिंह ने शामीद को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि शब्बू और गुड्डू को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।