लखीमपुर खीरी। रंजिश के चलते ग्रामीण की निर्ममता से पिटाई करते हुए उसे मौत के घाट उतारने के 13 साल पुराने मामले में एडीजे अशोक दुबे ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के गांव बाबापुरवा मजरा सुजानपुर में 25 अक्तूबर 2013 की रात करीब नौ बजे एक महिला पेशाब कर रही थी। तभी गांव के तेजराम ने टाॅर्च की रोशनी उस पर कर दी।
इसी बात पर अवधेश कुमार और उसके चाचा विजय कुमार टाॅर्च की रोशनी डालने वाले को डांटने लगे। कहासुनी बढ़ने पर तेजराम ने लाठी-डंडे से विजय कुमार की बुरी तरह पिटाई कर दी। जब उसकी पत्नी लक्ष्मी अपने पति को बचाने लगी तो उसे भी पीट दिया।
इस हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए विजय कुमार को एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
हालत नाजुक देखकर उसे लखनऊ मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया, इलाज के दौरान ही पांच नवंबर 2013 को विजय की मौत हो गई। इसके बाद धौरहरा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में मामला परिवर्तित करते हुए तेजराम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।
अदालती सुनवाई के दौरान अवधेश कुमार, अमर सिंह, डाॅ. चंद्रशेखर सिंह, कांस्टेबल घनश्याम यादव, कैलाश, प्रकाश यादव और एसआई कल्लू सिंह की गवाही अदालत में दर्ज कराई गई और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
अदालत ने सुनवाई के बाद हमलावर तेजराम को दोषसिद्ध करते हुए उस पर छह हजार रुपये के जुर्माने के साथ ही 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।