रेल बजट में प्रस्तावित मैलानी-शाहजहांपुर रेल लाइन के निर्माण की घोषणा न होने तथा ब्रॉडगेज के काम में तेजी को कोई तवज्जो न दिए जाने से मैलानी के लोगों को निराशा ही हाथ लगी है। लोगों ने इसके लिए जनप्रतिनिधियों को दोषी ठहराया है।
व्यापार मंडल महामंत्री अमित अरोरा का कहना है कि ब्रिटिश हुकूमत में मैलानी से शाहजहांपुर के बीच नैरोगेज रेल लाइन का संचालन होता था, लेकिन प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान इसे उखाड़ लिया गया। कई बार इस रेलमार्ग के पुन: निर्माण के लिए सर्वे भी कराया गया, लेकिन इससे आगे बात नहीं बढ़ी। इस बार बजट में इसके निर्माण की घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन प्रस्तावित नई रेल लाइन सर्वे में इसका जिक्र नहीं किया गया है। इस रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र का विकास होने की अपार संभावना है।
पंचायत सदस्य तथा खाद व्यापारी राजेश शर्मा राजा ने कहा कि यहां ब्रॉडगेज का काम अब तक दिखाई नहीं दिया है। आमान परिवर्तन के काम के नाम पर यहां सिर्फ कुछ स्लीपर ही आ सके हैं। बजट में प्रस्तावित आमान परिवर्तन के काम में तेजी लाने की कोई घोषणा नहीं की गई है, जिससे आमान परिवर्तन समय पर पूरा होने की संभावना कम ही लग रही है।
सपा पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष नरेश यादव का मानना है कि मैलानी एनई रेलवे के ऐशबाग-बरेली खंड का महत्वपूर्ण जंक्शन है। मैलानी-शाहजहांपुर रेल लाइन बन जाने से यहां का विकास बढ़ने के साथ ही पड़ोस के शाहजहांपुर के लोगों को भी लाभ मिलेगा लेकिन रेलमंत्री ने इसके सर्वे तक की कोई घोषणा बजट में नहीं की है, जबकि लोग अर्से से इसकी मांग कर रहे हैं। पलिया के सामाजिक कार्यकर्ता बद्री विशाल गुप्ता ने इसके निर्माण के लिए लखनऊ हाईकोर्ट में रिट तक दायर कर रखी है।
कांग्रेस नेता अवनीश अवस्थी का कहना है कि कस्बा मैलानी पूरी तरह रेलवे पर निर्भर है, या यूं कहें कि रेलवे ही मैलानी के विकास की रीढ़ है। सारा कारोबार रेल कर्मियों पर ही आश्रित है। जंक्शन होने के नाते यहां रेलवे के विकास की तमाम संभावना है और उसके लिए जगह भी है। मालगोदाम, डीजल शेड, कैरिज डिपो, लोको पायलट, गार्ड आदि तमाम कर्मचारी यहां से पहले ही हटा लिए गए हैं। यहां मालगोदाम, डीजल शेड, केंद्रीय विद्यालय बनाए जा सकते हैं लेकिन बजट में केंद्रीय विद्यालय के बारे में कोई नीति स्पष्ट नहीं की गई है।
पूर्व सदस्य तथा कारोबारी रतन कश्यप के मुताबिक ब्रॉडगेज के काम के चलते मैलानी-पीलीभीत का ब्लाक लिए जाने से यहां का कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। इसके बाद सीतापुर-लखनऊ का ब्लाक लिया जाएगा, फिर मैलानी-सीतापुर का ब्लाक लिया जाएगा। बजट में प्रस्तावित ब्रॉडगेज के काम में तेजी के ऊपर कोई जोर नहीं दिया गया है। धीमी गति से काम चलने पर व्यापार प्रभावित हो रहा है।