लखीमपुर खीरी/गोला गोकर्णनाथ। गोला डिपो की 71 रोडवेज बसों को महाकुंभ मेले के लिए भेजा जाएगा। 23 जनवरी को 68 बसों को रवाना कर दिया जाएगा। शेष तीन बसें अगले दिन 24 जनवरी को भेज दी जाएंगी। ऐसे में दिल्ली समेत कई मार्गों पर बसों की कमी हो जाएगी और यात्रियों को संकट झेलना पड़ेगा।
गोला डिपो की जो रोडवेज बसें प्रयागराज जा रहीं गैं, वह लंबे रूट की हैं। ऐसे में दिल्ली, लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, बरेली, अलीगढ़, अयोध्या, उत्तराखंड आदि मार्गों पर रोडवेज बसों का संकट हो जाएगा। परिवहन निगम के पास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। जो बसें बचेंगी, उन्हीं से काम चलाया जाएगा। मौजूदा समय में सहालगें चल रही हैं। ऐसे में लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाएंगी।
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बढ़ेगी भीड़, सीट को लेकर होगी मारामारी
गोला डिपो के पास अनुबंधित और निगम सहित 128 रोडवेज बसें हैं। अब निगम के पास मात्र 57 बसें बचेंगी। इन्हीं बसों को निगम विभिन्न मार्गों पर दौड़ाएगा। ऐसे में इन बसों में भीड़ अधिक रहेगी। सीट पाने के लिए लोगों को मारामारी करनी पड़ेगी।
लंबे मार्गों पर चलाई जाएंगी अनुबंधित बसें
गोला डिपो से दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़ सहित तमाम लंबे मार्गों पर रोडवेज बसें चलती हैं। लांग रूट की बसों को कुंभ भेजने के बाद इन मार्गों पर अनुबंधित बसों को चलाया जाएगा।
स्थानीय मार्गों के यात्री होंगे परेशान
लांग रूट की बसें कुंभ में जाने और स्थानीय रूट की बसों को लंबे मार्गों पर भेजने से स्थानीय मार्गों पर परिवहन का संकट हो जाएगा। मोहम्मदी, पलिया, लखीमपुर, मैगलगंज जाने वाले यात्री बे-बस हो जाएंगे।
डग्गामारों की बढ़ जाएगी मनमानी
रोडवेज बसों की संख्या में कमी आने से डग्गामार वाहन संचालकों की मनमानी बढ़ जाएगी। डग्गामार चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलेंगे। क्षमता से अधिक सवारियां होने पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा।
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ट्रेनों में बढ़ेगी भीड़
वैसे तो जिले में ट्रेनों की संख्या सीमित है। लोगों को ट्रेनों का कुछ खास फायदा नहीं मिलता है, लेकिन रोडवेज बसों की संख्या कम होने पर ट्रेनों में भी सीट के लिए मारामारी मचेगी।
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गोला डिपो की 71 रोडवेज बसों को कुंभ भेजा जाना है। 23 जनवरी को 68 बसें भेज दी जाएंगी। शेष अगले दिन भेजी जाएंगी। कुंभ जाने वाली अधिकांश बसें लंबे मार्गों की हैं। ऐसे में लंबे मार्गों पर शेष बसों को भेजा जाएगा। स्थानीय मार्गों पर समस्या रहेगी। कुछ बसों को जल्दी वापस कराने की कोशिश रहेगी।
-महेश चंद्र कमल, एआरएम, गोला डिपो
प्रयागराज जाने के लिए प्राइवेट बसों का सहारा ले रहे श्रद्धालु
प्रयागराज जाने के लिए सरकारी बसों की अपेक्षा प्राइवेट बसों का सहारा लोग ज्यादा ले रहे रहे हैं। यात्रियों के अनुसार प्राइवेट सवारी सस्ती और सुविधाजनक है। जबकि रोडवेज का किराया अधिक है। बसें भी ठीक नहीं हैं। रोडवेज बस का लखीमपुर से प्रयागराज का किराया एक तरफ का 520 रुपये है। जबकि प्राइवेट बसों का किराया दोनों तरफ से 720 रुपये पड़ता है। ऐसे में श्रद्धालु निजी बसों को तरजीह दे रहे हैं।