मैलानी। लखनऊ से मैलानी होते हुए बड़ी लाइन और विद्युतीकरण होने के बावजूद इस मार्ग पर अभी न तो लंबी दूरी की ट्रेनें चल सकी हैं और न ही लखनऊ से सीधे बरेली तक कोई ट्रेन चल है। इस मार्ग पर कुछ ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है, लिहाजा नए साल में लंबी दूरी की ट्रेनों की सौगात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रेल प्रशासन ने आमान परिवर्तन के बाद वर्ष 2019 में मैलानी से लखनऊ के बीच ट्रेन सेवा शुरू की थी। इसके पांच साल बीतने के बावजूद इस खंड पर सीमित संख्या में ही ट्रेनें चल रही हैं। उनमें एक एक्सप्रेस और तीन पैसेंजर ट्रेनें हैं। पिछले साल लोग ट्रेनें बढ़ने की उम्मीद संजोए रहे, लेकिन एक भी नई ट्रेन नहीं चल सकी। हां मैलानी-पीलीभीत खंड पर ट्रेन संचालन की शुरुआत जरूर हुई।
पिछले वर्ष यही उपलब्धि मिल सकी। पिछले दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य परिचालन/वाणिज्य प्रबंधक गोरखपुर अनूप कुमार सतपथी के तीन दिवसीय दौरे के दौरान यहां व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा और नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी ने उन्हें ज्ञापन देकर लखनऊ से बरेली तक सीधे ट्रेन चलाने, गोरखपुर एक्सप्रेस का पीलीभीत तक विस्तार करने, लंबी दूरी की ट्रेनें चलाने सहित अन्य मांगें की थीं।
उन्होंने बहुत जल्द मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था। इसे देखते हुए नए साल में लंबी दूरी की ट्रेनोंं के साथ ही लखनऊ से बरेली तक सीधे ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद लोगों को है। क्योंकि उन्होंने सबके सामने ही अधीनस्थों को मांगों के संबंध में तीन दिन के भीतर प्रस्ताव उनके पास भेजने को कहा था।
गोरखपुर एक्सप्रेस के टनकपुर तक विस्तार पर की चर्चा
प्रमुख मुख्य परिचालन/वाणिज्य प्रबंधक गोरखपुर अनूप कुमार सतपथी ने अधीनस्थों संग मैलानी में साढ़े छह घंटे तक खड़ी रहने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस का विस्तार पीलीभीत के बजाय टनकपुर तक करने पर चर्चा कर प्रस्ताव भेजने को कहा था। पता चला है कि इसका प्रस्ताव मंडल मुख्यालय से उनके पास भेजा जा चुका है और इज्जतनगर मंडल को भी इस बाबत पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। क्योंकि टनकपुर इज्जतनगर मंडल में आता है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही प्रस्ताव पर अमल संभव हो सकेगा।
मुंबई-सीतापुर के मैलानी तक विस्तार का प्रस्ताव बोर्ड में विचाराधीन
मैलानी। मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सीतापुर के बीच संचालित 12107/12108 एक्सप्रेस के मैलानी तक विस्तार का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड में विचाराधीन है, लेकिन अब तक इसके विस्तार की स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
मीटरगेज के जमाने में चलती थीं कई ट्रेनें
मीटरगेज के जमाने में लखनऊ से बरेली के बीच रुहेलखंड, लखनऊ-पलिया सेंक्चुरी, लखनऊ-जोधपुर मरुधर, लखनऊ-लालकुआं के बीच नैनीताल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों सहित कई पैसेंजर ट्रेनें चला करती थीं। बड़ी लाइन बनने के बाद सुविधाएं बढ़ने के बजाय और घट गईं।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई के लिए चलें ट्रेनें
जनपद खीरी और बहराइच को मिनी पंजाब कहा जाता है। क्षेत्र में सिखों की बड़ी आबादी है। लिहाजा यहां से पंजाब, हरियाणा की ट्रेनें चलने पर क्षेत्रवासियों को सुविधा के साथ ही रेलवे को अधिक राजस्व भी मिलेगा। क्षेत्रवासी इस मार्ग पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई, वाराणसी, अयोध्या, टनकपुर तक ट्रेनें चलाने की मांग कर रहे हैं।
स्पेशल ट्रेनें भी चलना हुईं बंद
इस मार्ग पर ग्रीष्मकाल और त्योहारी सीजन में लालकुआं-हावड़ा, लालकुआं-वाराणसी और रामनगर-लखनऊ के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इनको भी बंद कर दिया गया है।