फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्ता का संग्राम: खीरी के युवाओं ने उठाए बुनियादी मुद्दे, बोले- शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण पर हो काम

Mon, 08 Apr 2024 01:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

तापमान के साथ लखीमपुर खीरी जिले का सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। राजनीतिक दल और नेता प्रचार में जुटे हुए हैं, लेकिन जनता के मन में क्या है, यह जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ सोमवार को लखीमपुर पहुंचा। सुबह चुनाव को लेकर चाय पर चर्चा हुई। दोपहर में युवाओं से बातचीत की गई। 
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी में युवाओं से चर्चा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ सोमवार को लखीमपुर पहुंचा। सबसे पहले सुबह रोडवेज बस अड्डा पर चुनाव को लेकर चाय पर लोगों से चर्चा हुई। दोपहर के वक्त शहर के युवराज दत्त महाविद्यालय में युवाओं से बातचीत की गई। युवाओं ने दिल खोलकर अपनी राय रखी। शिक्षा, रोजगार, विकास और पर्यावरण संरक्षण समेत कई बुनियादी मुद्दे गिनाए।

विज्ञापन


साक्षी अवस्थी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व होता है। यह हम सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा नेता चुनना चाहिए, जो हम की भावना रखें, मैं की नहीं। सबका साथ सबका विकास करें। प्रियांशी मिश्रा ने कहा कि सरकार को वैकेंसी निकालनी चाहिए। शिक्षकों की भर्ती निकाली जाएं। पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि पेपर लीक होने से मनोबल टूटता है। 

पर्यावरण संरक्षण पर हो काम 
सौम्या वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा बेहतर होनी चाहिए। प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए और पर्यावरण संरक्षण पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। शिवानी अरोड़ा ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ऐसी सरकार होनी चाहिए, पर्यावरण संरक्षण करे। उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। 

शिवांगी गुप्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाए। महिला या लड़कियां जब बाहर जाती हैं तो उनके लिए टॉयलेट की कहीं व्यवस्था नहीं होती है। विद्यालयों में प्रयोगशालाएं बढ़ाई जाएं। छात्र-छात्राओं को तकनीकी रूप से सक्षम किया जाएगा। 

छात्रों ने उठाया शिक्षा का मुद्दा 
अमन शुक्ला ने कहा कि जिले में दो सांसद और आठ विधायक हैं, लेकिन शिक्षा के संस्थान सीमित हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। जिले में कोई सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अवनीश दीक्षित ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में सुविधाएं बेहतर नहीं हैं। तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए प्रशिक्षण बहुत जरूरी है, लेकिन संसाधनों की कमी होने से ऐसा नहीं हो पा रहा है। महाविद्यालयों में कम्प्यूटर लैब बनाई जानी चाहिए। असद अंसारी ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ें। युवा, किसान और शिक्षा की बात होनी चाहिए। 
विज्ञापन

राघवेंद्र कुमार ने बताया कि लखीमपुर खीरी जिला बाढ़ प्रभावित है। हर साल बाढ़ से नुकसान होता है, लेकिन इससे निपटने के लिए अब तक इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए, जो स्थानीय मुद्दों की बात करें। जिले की समस्याओं से वाफिक हो। जाति-धर्म की बात न करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें