वर्ष 2014-15 में जिले के 101 लोहिया गांवों के मजरों को विद्युतीकृत करने का काम पूरा कर लिया गया है। विभागीय प्रगति रिपोर्ट में बिजली अधिकारियों का दावा है कि इन मजरों में लाइन बिछाने के बाद बिजली सप्लाई भी बहाल कर दी गई है। बिजली अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2012-13 में जिले के 80, 2013-14 में 58 और 2014-15 में 101 मजरों को डॉ. राम मनोहर लोहिया योजना के तहत चयनित किया था। जिले में चल रही राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत लोहिया गांवों को विद्युतीकृत कर सप्लाई के लिए उन्हें नजदीकी उपकेंद्रों से जोड़ा गया है। इनमें सबसे अधिक 16 मजरे निघासन में और 12 मजरे धौरहरा में शामिल हैं। इनके अलावा अन्य जगहों पर पांच से लेकर नौ तक मजरे विद्युतीकृत किए गए हैं।
पांच तहसीलों को मिला एक-एक उपकेंद्र
शासन के निर्देश के बाद बिजली विभाग ने तहसील मुख्यालयों पर 33/11केवी के एक-एक उपकेंद्र बनाकर उनसे बिजली सप्लाई बहाल करने का काम पूरा कर लिया है। ईई के मुताबिक यह उपकेंद्र निघासन, धौरहरा, मोहम्मदी, गोला और पलिया में बनाए गए हैं। इनके बनने के बाद जिले में लखीमपुर और गोला डिवीजन में उपकेंद्रों की संख्या 36 हो गई है।
राजस्व वसूली में लखीमपुर डिवीजन अव्वल
जनवरी महीने में बिजली विभाग को 5.12 करोड़ रुपये के राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था। विभाग ने बकाया वसूली अभियान चलाकर जनवरी में 5.52 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है।
अधिशासी अभियंता राकेश सिंह ने बताया कि राजस्व वसूली और विद्युतीकरण की विभागीय प्रगति रिपोर्ट डीएम की समीक्षा बैठक में भी प्रस्तुत की जा चुकी है। साथ ही सीतापुर सर्किल को भी यहीं रिपोर्ट भेजी गई है। आंकड़ों से साफ है कि बिजली के मामलों में जिले में बेहतर काम किया गया है।