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कस्ता में भाजपा के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती

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सौरभ सिंह सोनू , भाजपा - फोटो : LAKHIMPUR
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महबूब अली
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मितौली। जिले की कस्ता (सु.) विधानसभा सीट पर जहां भाजपा के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, वहीं सपा अपना वर्चस्व स्थापित करने की जंग लड़ रही है। यहां सपा और भाजपा के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला है, लेकिन चुनाव में स्थानीय मुद्दे दरकिनार दिखाई दे रहे हैं और उम्मीदवार जातीय गणित में उलझे नजर आ रहे हैं। अनुसूचित जाति बहुल कस्ता विधानसभा क्षेत्र में सवर्ण और मुस्लिम मतदाता निर्णायक हो सकते हैं। अनुसूचित जाति में पासी बिरादरी का रुझान सपा की ओर दिखाई दे रहा है तो जाटव बिरादरी भाजपा और बसपा के बीच बंटती दिख रही है। मुस्लिम वोटों का रुझान सपा की ओर तो ब्राह्मण और क्षत्रियों का रुझान भाजपा की तरफ माना जा रहा है।
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक मितौली के राजा लोने सिंह के साम्राज्य का हिस्सा रहा कस्ता विधानसभा क्षेत्र वर्ष 2008 के परिसीमन के दौरान अस्तित्व में आया। अभी तक इस क्षेत्र के नाम से सिर्फ दो विधानसभा चुनाव हुए हैं। कस्ता सीट पर 2012 में हुए पहले चुनाव में सपा उम्मीदवार सुनील कुमार लाला चुनाव जीत कर विधायक बने थे। उन्होंने बसपा के सौरभ सिंह सोनू को हराया था। कांग्रेस उम्मीदवार बंशीधर राज तीसरे स्थान पर रहे थे। जबकि भाजपा की कृष्णा राज चौथे पायदान पर रही थीं।
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2017 में हुए दूसरे चुनाव में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सौरभ सिंह सोनू ने सपा उम्मीदवार सुनील कुमार लाला को पराजित कर पिछली हार का बदला लिया। इस चुनाव में सपा के सुनील लाला दूसरे स्थान पर रहे और बसपा के राजेश गौतम तीसरे स्थान पर रहे। कस्ता विधानसभा सीट पर चुनाव तो स्थानीय मुद्दों पर हुए हैं लेकिन जातीय समीकरणों ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया है। इस चुनाव में भी ऐसी ही संभावनाएं दिख रही है।
यूं तो कस्ता विधानसभा सीट पर अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है, लेकिन सुरक्षित सीट होने के बावजूद मुस्लिम और सवर्ण मतदाता निर्णायक साबित होता है। भाजपा अपने कैडर, एससी, क्षत्रिय, ब्राह्मण और पिछड़े वर्ग की लामबंदी में लगी है। कस्ता सीट सुरक्षित होने के कारण सभी प्रत्याशी अनुसूचित वर्ग के हैं। इनमेें पासी बिरादरी की संख्या ज्यादा है। सपा के सुनील कुमार लाला पासी समाज से हैं तो भाजपा के सौरभ सिंह सोनू जाटव बिरादरी से हैं। भाजपा के एससी वोटों में बसपा भी सेंधमारी कर रही है। सपा को भरोसा है कि मुस्लिम, पासी, सिख, यादव और पिछड़ा वर्ग से अधिकतम वोट उसी के खाते में जाएगा। इस तरह भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। (संवाद)
कस्ता के चुनाव मैदान में हैं यह महारथी
कस्ता सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक सौरभ सिंह सोनू पर एक बार फिर से दांव लगाया है। जबकि सपा ने पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला को उम्मीदवार बनाया है। बसपा ने हेमवती राज को प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस से मितौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव उम्मीदवार है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश रिपब्लिकन पार्टी से गयादत्त, जनता रक्षक पार्टी से जसकरन राज मैदान में है। जबकि जगदीश प्रसाद और लवकुश निर्दलीय समेत आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।
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2017 के चुनाव परिणाम
सौरभ सिंह सोनू (भाजपा).........92824
सुनील कुमार लाला (सपा)...........68551
राजेश कुमार गौतम (बसपा).......41778
--------
क्षेत्र में मतदाता
कुल जनसंख्या-----573042
कुल मतदाता-------309700
पुरुष मतदाता-------164984
महिला मतदाता.......144698
थर्ड जेंडर--------18
जातीय गणित
पासी.......................60000
जाटव......................45000
मुस्लिम..................40000
ब्राह्मण...................30000
कुर्मी.......................30000
यादव......................20000
क्षत्रिय.....................15000
सिख.......................10000
कहार......................10000
अन्य पिछड़ा वर्ग .....40000
अन्य.......................10000
क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
मितौली और मैगलगंज को नगर पंचायत और औरंगाबाद को ब्लॉक का दर्जा।
विधानसभा क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा के लिए अलग से ना कोई इंटर कॉलेज ना कोई डिग्री कॉलेज
युवाओं में बेरोजगारी खेलकूद संसाधनों की कमी।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
लावारिस पशुओं से फसलों का नुकसान
आवागमन के साधनों की कमी
तकनीकी शिक्षा के लिए कोई विद्यालय ना होना।
मुद्दों पर मुखर हैं मतदाता
मितौली के रहने वाले कमाल खान ने कहा कि कई वर्षों से मितौली को नगर पंचायत बनाने का मुद्दा बना हुआ है, लेकिन अभी तक नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल पाया है। कस्ता निवासी सलीम गाजी ने बताया कि तहसील मुख्यालय होने के बाद भी परिवहन की समस्या बड़ी है। इसको दूर करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है। भीखमपुर रहने वाले किसान रामलखन पांडे का कहना है कि कस्ता विधानसभा की सबसे प्रमुख समस्याओं में छुट्टा जानवरों से निजात दिलाना, स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, गांवो में अच्छी सड़कें, फसलों की सुरक्षा के उपाय किए जाने चाहिए। नगरा निवासी ओमप्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि मंहगाई से आम जनता परेशान है। महंगाई पर नियंत्रण होना चाहिए। मैगलगंज की रहने वाली रेखा गुप्ता ने बताया कि महिलाओं की रसोई महंगी हो गई है। इससे लोग काफी परेशान हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास किया जाना चाहिए। बेहजम की रहने वाली पूजा सिंह का कहना है कि क्षेत्र में बालिकाओं के लिए न तो इंटर कॉलेज है, न ही डिग्री कॉलेज, बालिकाओं के लिए अलग से इंटर कालेज व डिग्री कॉलेज बनवाया जाए। महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार का भी ध्यान दिया जाए।

सुनील कुमार भार्गव लाला,सपा- फोटो : LAKHIMPUR

राधेश्याम भार्गव कांग्रेस- फोटो : LAKHIMPUR

हेमवती राज,बसपा- फोटो : LAKHIMPUR

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