लखीमपुर खीरी। मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में अपर जिला जज पूनम सिंह ने दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपियों के पिता को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव के चलते बरी कर दिया गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी ने बताया, कोतवाली सदर के एक स्कूल में पढ़ने वाली 10 साल की मासूम को मोहन बहला कर अपने साथ ले गया था। चावला के बाग में आम तोड़ने की बात कहते हुए अपने साथ ले जाने के बाद अपने भाई राजेश के साथ मिलकर दुष्कर्म किया था। सामूहिक दुष्कर्म से बालिका रक्त रंजित अवस्था में बेहोश हो गई थी।
आरोप है कि मोहन ने राजेश, सुमित और पिता भल्लू के साथ मिलकर अचेत अवस्था में पड़ी बालिका के मुंह में मिट्टी ठूंसकर कुएं में फेंक दिया था। उसकी मौत हो गई थी। सुनवाई के दौरान सुमित की पत्रावली अलग कर दी गई थी, जबकि मोहन, राजेश और पिता भल्लू के खिलाफ अपर जिला जज पूनम सिंह की अदालत में मुकदमा चल रहा था।
सुनवाई के बाद अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए मोहन और राजेश को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में यह व्यवस्था भी दी है कि वसूली गई जुर्माने की रकम में से आधी रकम पीड़िता के परिजनों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। तीसरे आरोपी भल्लू को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।