22 जनवरी 2016 को सड़क पर मिली थी महेंद्र पासी की लाश
लखीमपुर खीरी। लेनदेन के विवाद में युवक की गला घोंटकर हत्या करने के छह साल पुराने मामले में एडीजे मोहन कुमार ने दो हत्या आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी घनश्याम गुप्ता ने बताया कि मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया निवासी हरद्वारी के भतीजे महेंद्र की लेन-देन के विवाद में हत्या कर दी गई थी। 21 जनवरी 2016 को दिन में गांव डहर थाना मितौली के ही लाखन और उत्तम नाई मोटरसाइकिल से हरद्वारी के घर आए और महेंद्र पासी को जरूरी काम के बहाने बुला ले गए। बाद में रात को लाखन ने फोन पर हरद्वारी से जमीन बेचने की रकम मांगी, लेकिन हरद्वारी ने यह कहते हुए रकम नहीं दी थी कि बैनामा कराने कराते समय पैसा दिया जाएगा, जबकि लाखन अपना पैसा लेने के लिए लगातार महेंद्र पासी पर दबाव बनाए हुए था। आरोप है कि उत्तम नाई और लखन ने मिलकर मफलर से गला घोंटकर महेंद्र की हत्या कर दी थी। अगले दिन 22 जनवरी को सड़क पर महेंद्र पासी की लाश पाई गई थी
एसपीओ एसपी यादव ने इस मामले में हरद्वारी लाल, छोटेलाल, डॉ. अजय कुमार, मिथिलेश दीक्षित, शिव शरण शुक्ला, गुलाब शंकर पांडे, रामशंकर सिंह, सुमित्रा, छोटे और हरिराम की गवाही दर्ज कराई थी और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। एडीजे मोहन कुमार ने दोनों हत्या आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर बीस बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।