16 ग्राम पंचायतों में सहायक कर्मियों की हुई तैनाती
राजकीय जिला सार्वजनिक पुस्तकालय करेगा निगरानी
गांवों के लोगों को किताबों से जोड़ने की पहल को मजबूती देने के लिए सरकार फिक्रमंद हुई है। राजकीय जिला सार्वजनिक पुस्तकालय के विस्तार पटल के तहत ग्राम पंचायतों के सचिवालयों में खोले गए पुस्तकालयों का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जाएगा। इसके लिए सहायक कर्मियों की तैनाती की गई है। इस कदम से गांवों में लाइब्रेरी का तंत्र मजबूत होगा, जिससे खासकर युवाओं को लाभ मिलेगा।
कभी शहरों की पहचान रही लाइब्रेरी अब गांवों की शोभा बढ़ाएंगी। जनपद के विभिन्न ब्लाकों की 16 ग्राम पंचायतों में खोली गई लाइब्रेरी में साजो-सामान की व्यवस्था की जाएगी, जिसके लिए सरकार खर्च उठाएगी। लखीमपुर ब्लाक में ब्लाक संसाधन केंद्र, ग्राम पंचायत पहाड़ापुर और छाउछ में लाइब्रेरी खोली गई हैं। इसी तरह बिजुआ और धौरहरा के ब्लाक परिसर, बेहजम के थरिया, मितौली के कस्ता और मितौली, कुंभी (गोला) के अजान, बांकेगंज के काकोरी और अलीगंज, मोहम्मदी के करौंदा, सहजना और इब्राहिमपुर ग्रंट, निघासन के लुधौरी औैर पलिया के ग्राम पंचायत मरूआ पश्चिम में लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इनके रख-रखाव और संचालन के लिए आउटसोर्सिंग से सहायक कर्मियों की तैनाती की गई है। इससे पहले देखरेख के अभाव में लाइब्रेरी का संचालन नहीं हो पा रहा था।
राजकीय पुस्तकालय अध्यक्ष संजय कुमार साह का कहना है कि गांवों में लाइब्रेरी के विस्तार की योजना है, जिसके लिए सहायक कर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें किताबों की आपूर्ति जिला पुस्तकालय से समय-समय की जाएगी। सहायक कर्मी ग्रामीणों को जोड़ने के लिए सदस्य बनाएगा।