कृषि शिखर सम्मेलन में प्रदेश के कृषि मंत्री ने सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से उर्वरा शक्ति बचाने की अपील
बोले, किसान अपनाएं फसल चक्र
आय बढ़ाने पर आईसीएफए का विजन डाक्यूमेंट पेश
फसल खरीदने को तीन कंपनियों से हुआ समझौता
रासायनिक खाद और कीटनाशक के अंधाधुंध प्रयोग के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। यूरोप ने भारत के चावल में कीटनाशक की मात्रा पाए जाने पर रिजेक्ट कर दिया है। यह कहना है प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का। बुधवार को बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने भावर एवं तराई एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय किसान मेला और आईसीएफए के तीन दिवसीय कृषि शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। कृषि मंत्री ने किसानों से आर्गेनिक खेती करने की अपील करते हुए फसल चक्र के मुताबिक दलहन, तिलहन और औषधीय पौधों की खेती करने को कहा।
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण योजना के तहत जीआईसी ग्राउंड में कराए जा रहे सम्मेलन में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि इस वर्ष खीरी में मिर्च की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। केले की खेती का एरिया बढ़ने पर उसे भी फसल बीमा योजना में शामिल करने का आश्वासन किसानों को दिया है। उन्होंने कहा कि मृदा की उर्वरा शक्ति बनी रहे, जिसके लिए किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जा रहा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आएगी और संतुलित मात्रा में किसान खादों का प्रयोग करेंगे। इससे 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की परिकल्पना को साकार करना बेहद आसान हो जाएगा।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के मामले में यह जिला प्रदेश में अग्रणी है। सुनियोजित तरीके से खेती कर किसान आसानी से खुद को समृद्ध बना सकेंगे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद (आईसीएफए) द्वारा तैयार किए गए विजन डाक्यूमेंट जारी किया। किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए आईसीएफए और तीन कंपनियों के बीच एमओयू समझौता किया गया। कृषि मंत्री ने 20 किसानों का मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 25 किसानों को रोटावेटर के लिए 35-35 हजार का अनुदान स्वीकृत पत्र, 12 किसानों को प्रदर्शन के लिए गेहूं बीज वितरित किया। सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाले किसान शमशेर सिंह को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सांसद खीरी अजय मिश्र टेनी, सांसद रेखा वर्मा, विधायक रामकुमार वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ नरेंद्र सिंह, अपर कृषि निदेशक वीपी सिंह, भारतीय कृषि और खाद्य परिषद के चेयरमैन डॉ एमजे खान ने भी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। संचालन उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने किया। इस मौके पर विधायक मंजू त्यागी, योगेश वर्मा, सौरभ सिंह सोनू, जिलाध्यक्ष शरद वाजपेई, सीडीओ अमित सिंह बसंल, जिला कृषि अधिकारी संतोष वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय भार्गव, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह सहित समस्त कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इनसेट
स्पेन और न्यूजीलैंड ने मिलकर काम करने की जताई इच्छा
कृषि शिखर सम्मेलन में स्पेन दूतावास से आईं कृषि सलाहकार डॉ टेरेसा बैरेस, न्यूजीलैंड दूतावास के सलाहकार नील केनिंगटन ने भी अपने विचार रखे। डॉ टेरेसा ने संबोधन की शुरुआत हिंदी में की। उन्होंने फसलों को नुकसान से बचाने, उद्यमिता पर भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। वहीं न्यूजीलैंड के नील ने किसानों को अच्छा मूल्य दिलाने के लिए बाजार उपलब्ध कराने की बात कही है।
मिट्टी की जांच को लेकर किसानों ने की शिकायत
रजागंज। गांव सौठन के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हई कृषि पाठशाला में कृषि मंत्री सूर्यप्रकाश शाही ने किसानों से रबी की बुआई, बीज, खाद के बारे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नए बीजों से यूरिया की खपत कम हो रही है। इस दौरान किसानों ने बताया कि मिट्टी की जांच नहीं हो रही है। किसान अपने खेत की मिट्टी लेकर जिले तक दौड़भाग करते हैं। इस पर भड़के मंत्री ने डीडी कृषि एलबी यादव को फटकार लगाई। किसानों ने मंत्री से छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान मुस्तफा हुसैन ने शाल भेंटकर कृषि मंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर सुनील शुक्ला, गोकुल प्रसाद, संजय, उमेश वर्मा मौजूद रहे।