वन विभाग ने लगाया दूसरा पिंजरा। संवाद
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धौरहरा-ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। वनरेंज के चकदहा गांव में हिंसक पशु के हमले में बच्चे की मौत के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया था, लेकिन उस पिंजरे तक आकर तेंदुआ लौट गया। वनविभाग ने अब दूसरा पिंजरा मंगवाकर लगाया है। वन विभाग को उम्मीद है कि दो तीन दिन में तेंदुआ पकड़ा जाएगा।
यहां बता दें तेंदुआ वन विभाग से लगातार आंख मिचौली खेल रहा है। वह रोज आता है और पिंजरे के पास आकर लौट जाता है।
वनवीट चकदहा के गांव चमारनपुरवा निवासी पुतान के 12 वर्षीय पुत्र बृजेश को नौ दिन पूर्व तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था। तब से वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए मशक्कत कर रहा है। शुक्रवार को तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया गया था। पिंजरे में बकरी भी बांधी गयी, लेकिन तेंदुआ चहलकदमी करता हुआ पिंजरे तक आया और खतरा भांपकर लौट गया। सोमवार को भी तेंदुआ वन विभाग की गश्ती टीम को दिखाई दिया। इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने और एक पिंजरा और चार नाइट विजन कैमरे लगाने का निर्णय लिया। मंगलवार को चिह्नित एरिया में कैमरे और पिंजरा लगाया गया। निगरानी के लिए निघासन और मझगईं वन टीम को भी लगाया गया। वन टीम दिन रात निगरानी कर रही हैं पर तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से दूर है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि तेंदुए के मूवमेंट एरिया में दो पिंजरे लगाने के बाद टीम निगरानी कर रही है। उम्मीद है दो तीन दिन में तेंदुआ पकड़ा जाएगा। संवाद