दुधवा नेशनल पार्क के डंडूरी गांव के पास बुधवार तड़के वन विभाग के पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, क्योंकि इसी क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक बच्चे की मौत हुई थी। यह 24 घंटे के भीतर पकड़ा गया तीसरा और पिछले पांच महीने में 12वां तेंदुआ है।
लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क की नार्थ खीरी वन रेंज की बेलरायां रेंज अंतर्गत डंडूरी गांव के पास बुधवार तड़के वन विभाग के पिंजरे में एक मादा तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
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वन विभाग के अनुसार बैरिया बीट में डंडूरी गांव के पास पिंजरा लगाया गया था। इसी क्षेत्र में तेंदुए के हमले में बकरी चरा रहे आठ वर्षीय गोलू की मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए कई स्थानों पर पिंजरे लगाए थे। बुधवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और एसटीपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। मंगलवार तड़के केवल सिंह के फार्म के पास भी एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। 24 घंटे के भीतर यह तीसरा तेंदुआ पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि पकड़ी गई मादा तेंदुए की उम्र करीब तीन वर्ष है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।
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पांच महीने में 12वां तेंदुआ पकड़ा
रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यह एक महीने के भीतर पिंजरे में कैद होने वाला छठा और पिछले पांच महीने में पकड़ा गया 12वां तेंदुआ है। इससे पहले कटैला फार्म, सिंहौना, नौरंगाबाद, रननगर, सिंगहा, भिड़ौरी, मूर्तिहा, इंदरनगर और बैरिया क्षेत्र से भी तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जा चुका है।